Nirsa : निरसा (Nirsa) स्थायीकरणकी मांग पर बिजली विभाग के मैनडेज कर्मियों ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. मैनडेज कर्मी इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में हैं. कहा कि उनकी मांगों पर सरकार दस दिनों के अंदर कोई पहल नहीं करती है तो पूरे राज्य के मैनडेज कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने को बाध्य होंगे. उक्त बातें सोमवार 22 अगस्त को चिरकुंडा में झारखंड विद्युत मानव दिवस कर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार दुबे ने लगातार संवाददाता से कही. श्री दुबे ने कहा कि बिजली विभाग में स्थायी कर्मियों की भारी कमी है. मेंटनेंस से लेकर छोटी-बड़ी गड़बड़ी आने पर मरम्मत का काम मैनडेज कर्मी ही करते हैं. सैकड़ों लोग बिजली विभाग में 15-20 वर्षों से कार्यरत हैं. सभी दैनिक भत्ता पर गुजारा करते हैं. आज जब विभाग की आर्थिक स्थिति सुधरी है, तो उन्हें स्थायी करने की बजाय बाहरी लोगों को बहाल किया जा रहा है. ऐसे में हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.
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विधायक मधुरा प्रसाद महतो ने किया समर्थन
अध्यक्ष श्री दूबे ने कहा कि सोमवार को संघ का प्रतिनिधिमंडल झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह विधायक मथुरा प्रसाद महतो से उनके आवास पर मिला. संघ ने मांग सौंपते हुए स्थायीकरण करने की मांग को दुहराया. श्री दुबे ने कहा कि विधायक श्री महतो ने मांगों को जायज बताया. वस्तु स्थिति लिखकर देने को कहा. विधायक की पहल पर संघ ने विधायक के पैड पर अपनी मांगों को रखते हुए पहल करने की बात कही. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी मांगें जायज हैं. शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिल कर समस्या समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे. श्री दुबे ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर मांगों पर सरकार ने 10 दिनों के अंदर कोई समाधान नहीं निकाला तो पूरे राज्य के मैनडेज कर्मी मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.संघ की प्रमुख मांगें
2017 से पूर्व कार्यरत मानव दिवस कर्मियों को निगम में समायोजन करने, 10-20 वर्सो से कार्ररयत मानव दिवस कर्मियों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार परमानेंट, समय पर मानदेय भुगतान करने आदि शामिल हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-due-to-increase-in-the-price-of-middle-and-bran-problems-of-khatal-owners-increased/">धनबाद:बिचाली और चोकर के दाम में बढ़ोतरी से खटाल मालिकों की बढ़ी मुश्किलें [wpse_comments_template]
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