में अगर पढ़ना है, तो प्रबंधन से लड़ाई करनी होगी. यह सुनने में अजीब जरूर लग रहा है, लेकिन सच्चाई यही है. बीएड के छात्र -छात्राओं को बीबीएमकेयू की अव्यवस्था से हर साल जूझना और लड़ना पड़ रहा है. कभी फीस बढ़ोतरी, कभी एडमिट कार्ड, तो कभी छात्रवृत्ति के लिए उन्हें हंगामा करना पड़ता है. तीन बीएड कॉलेजों के छात्रों ने 10 मई को बीबीएमकेयू मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया. उनकी शिकायत है कि विवि के आदेश का उल्लंघन करते हुए कॉलेज 30 हजार रुपए देने का दबाव बना रहे हैं. पैसा नहीं देने पर बीएड का प्रोविजनल रिजल्ट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट रोकने की धमकी भी दे रहे हैं.
बीएड सेल की बैठक के बाद भी छात्रों को राहत नहीं
छात्र-छात्राओं के हंगामे के बाद तीनों बीएड कॉलेजों के प्राचायों के साथ विवि के बीएड सेल की बैठक हुई थी. इसके बाद भी तीनों कॉलेजों की धमकी से विद्यार्थियों को राहत नहीं मिली. हर बार हंगामे के बाद उन्हें सिर्फ आश्वासन दे दिया जाता है कि कुलपति के समक्ष उनकी बातों को रखा जाएगा. लेकिन होता कुछ भी नहीं.निर्णय लेने में सक्षम नहीं है बीबीएमकेयू
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की स्थिति ऐसी हो गई है कि कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले पाता है. इसको लेकर शिक्षक एसोसिएशन ने भी विवि प्रबंधन पर उंगली उठाई है. प्रभारी कुलपति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी है.बड़ा सवाल- आखिर बीएड छात्रों का हंगामा क्यों ?
विवि के राजीव गांधी बीएड कॉलेज, पर्जन्या और अल इकरा बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं को प्रबंधन की मार झेलनी पड़ रही है. सत्र 2019-21 में विवि ने पहले सामान्य व ओबीसी श्रेणी के लिए बीएड की फीस 1.50 लाख रुपए, जबकि एससी/एसटी के लिए 1.40 लाख रुपए निर्धारित की थी. बाद में इसमें संशोधन फीस 30 हजार रुपए कम कर दी गई थी. प्राइवेट बीएड कॉलेज इसका विरोध कर रहे थे. तीनों कॉलेज इसी 30 हजार रुपए की मांग रहे हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=306985&action=edit">धनबादपहुंचा गैंगस्टर फहीम खान, हर राह-चौराहे सहित रेलवे गेस्ट हाउस तक चप्पे चप्पे पर पुलिस [wpse_comments_template]

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