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धनबाद : आईआईटी आइएसएम की टीम लैंड स्लाइड के पूर्वानुमान की तकनीक पर कर रही रिसर्च

Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) आईआईटी-आईएसएम धनबाद के डिपार्टमेंट ऑफ़ अप्लाइड जियोलॉजी के वैज्ञानिकों की टीम ने टिहरी और उत्तरकाशी को जोड़ने वाली टिहरी-उत्तरकाशी हाईवे पर भूस्खलन (लैंड स्लाइड), ढलान की विफलताओं (स्लोप फेलियर) का अध्ययन किया. उन्होंने धरासू-उत्तरकाशी हाईवे सहित 12 जगहों पर रिसर्च किया. रिसर्च में उन्होंने पाया कि पहाड़ी ढलानों, घाटी के मोड़ एवं राजमार्ग की स्थिति की वजह से तीन स्थान दुर्घटना को लेकर बेहद खतरनाक हैं और इसकी सुरक्षा के लिए तुरंत काम करने की जरूरत है. उन्होंने लैंड स्लाइड के पूर्वानुमान के लिए तकनीक विकसित करने की बात कही.

   टीम में यह थे शामिल

आईआईटी-आईएसएम के टीम में डिपार्टमेंट ऑफ़ अप्लाइड जियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मृणाल कांति मुखर्जी, और पीएचडी के विद्यार्थी अनिल कुमार गुप्ता शामिल थे. उन्होंने रॉक माइक्रोस्ट्रक्चरल पैरामीटर, एकीकृत दलालों की पहचान, भू यांत्रिक ढलान से संबंधित स्थिरता चार्ट से सम्बन्धित विषयों पर अध्ययन किया. प्रो मुखर्जी ने बताया कि इन क्षेत्रों के अध्ययन में उन्होंने पाया कि राजमार्ग के किनारे के स्थान भू-स्खलन और सड़क कट ढलान से आने वाली समस्याओं का सामना कर रहे हैं. इन समस्याओं में छोटी ब्लॉक वाली स्लाइड, टॉपपल्स, पच्चर स्लाइड और बड़े उथले चट्टान शामिल हैं. इनकी वजह से हाइवे का निर्माण और रखरखाव चुनौतीपूर्ण है. कहा कि अब उनका लक्ष्य इन ढलानों पर होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने का है, जिससे राजमार्ग की सुरक्षा बनाए रखने एवं इस पर चलने वाले लोग एहतियात के तौर पर काम कर सकें. यह भी पढ़ें: देवघर:">https://lagatar.in/deoghar-gas-cylinder-caught-fire-husband-wife-and-children-scorched/">देवघर:

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