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धनबाद: टुंडी के विद्यालय में आइआइटी आइएसएम की कार्यशाला

छात्र-छात्राओं ने जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा

Dhanbad: आईआईटी (आईएसएम) के संकाय सदस्यों ने धनबाद के टुंडी ब्लॉक के सुदूरवर्ती स्कूल के 300 से अधिक छात्रों को 3 डी तकनीक के जरिये जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाया. आदिवासी बहुल पूर्वी टुंडी स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय सोहनाद के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने 3डी मॉडल व वीडियो के जरिये जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा. विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आईआईटी (आईएसएम) संकाय सदस्यों के एक समूह द्वारा आयोजित पांच घंटे की कार्यशाला का जिसका शीर्षक था, "अभिनव संचार तकनीकों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रासंगिकता के बारे में स्कूली छात्रों और शिक्षकों को प्रेरित करें". श्रृंखला की 16वीं कार्यशाला बुधवार को सुबह लगभग 10.30 बजे स्कूल के बरामदे में मोहम्मद जाकिर हुसैन व चार अन्य सहायक शिक्षकों की उपस्थिति में शुरू हुई.  परियोजना प्रमुख अन्वेषक रश्मि सिंह, प्रबंधन अध्ययन विभाग और आईआईटी (आईएसएम) के औद्योगिक इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर भी मौजूद थीं. कार्यशाला में भाग लेने वाले छात्रों को मॉडल समझाते हुए रश्मि सिंह ने वर्तमान डिजिटल युग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में भी बताया. कार्यशाला में स्कूल के प्रधानाचार्य मोहम्मद जाकिर हुसैन ने कहा, "कार्यशाला की कार्यवाही ने इस तथ्य को साबित कर दिया है कि 3 डी तकनीक गणित को बिल्कुल नए तरीके से समझने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करती है, जिसमें आधार ज्यामिति से लेकर फ्रैक्टल तक सब कुछ देखने को मिलता है." उन वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझें जिन्हें उन्हें भविष्य में लागू करने की आवश्यकता होगी. कार्यशाला में भाग लेने वाली स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा सुनीता कुमारी (15) ने कहा, "मुझे ज्यामिति के कुछ अंकों को समझने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन कार्यशाला में स्कूल में मॉडलों ने मुझे गणना के संबंध में संदेह को स्पष्ट करने में मदद की. [wpse_comments_template]

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