Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) आईआईटी आइएसएम में स्थापित टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन इन एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग (टैक्समिन) कोयला चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. टैक्समिन ने ऐसा ट्रैकर विकसित किया गया है जिसे हाईवा में लगाने पर वह कितने घंटे चला, तेल की कितनी खपत हुई, कितना टन कोयला लेकर चला, रुट आदि की मॉनिटरिंग की जा सकेगी. इससे कोयला चोरी पर लगाम लगेगी. यह बातें टैक्समिन के को-ऑर्डिनेटर आईआईटीके उप निदेशक प्रोफेसर धीरज ने बताई. इसके पूर्व केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ एस चंद्रशेखर ने टैक्समिन का ऑनलाइन उद्घाटन किया. उन्होंने संस्थान को विभागीय सहयोग का आश्वासन दिया.
टैक्समिन देगा 3-एस को आधार
आईआईटी के निदेशक प्रो राजीव शेखर ने कहा कि टैक्समिन का उद्देश्य माइनिंग को विश्व स्तरीय बनाना है. 3-एस यानी सेफ़, स्मार्ट एंड सस्टेनेबल को आधार बनाते हुए माइनिंग में सेंसर, कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बढ़ाने पर रिसर्च करना है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में संस्थान को 45 करोड रुपये का रिसर्च एंड डेवेलपमेंट (आर एंड डी) फंड मिला था. वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो चुका है. देश में ही उन्नत टेक्नोलॉजी तैयार करना लक्ष्य
टैक्समिन के को-ऑर्डिनेटर प्रो धीरज कुमार ने बताया कि यह भारत सरकार की योजना के तहत स्थापित हुआ है. इसका मूल उद्देश्य देश में ही उन्नत टेक्नोलॉजी तैयार करना है. टैक्समिन ने पिछले 2 वर्षों में उड़ीसा माइनिंग कॉरपोरेशन और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड को टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई है. कंपनियों से उत्साहित रिस्पांस मिला है. आईआईटी अब इन टेक्नोलॉजी का व्यवसायीकरण करेगा. "आर्म चेयर माइनिंग" होगा भविष्य
प्रो धीरज ने बताया कि माइंस में लगे आधुनिक सेंसर रियल टाइम डाटा उपलब्ध कराते हैं, जिससे माइनिंग आसान हो जाती है. उन्होंने बताया कि चाइना में "आर्म चेयर माइनिंग" किया जा रहा है. मतलब टेक्नोलॉजी की मदद से कुर्सी पर बैठ कर कंप्यूटर से पूरी माइनिंग संचालित करना है. उन्होंने इसे माइनिंग इंडस्ट्रीज का भविष्य बताया. कार्यक्रम को ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट प्रोफेसर जेरेमी किलबर्न, डीजीएमएस के निदेशक (एमएसइ) सैफुल्लाह अंसारी, बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल संजय कुमार सिंह ने संबोधित किया. [wpse_comments_template]
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