सीधे ट्रैक पर उतर कर प्लेटफार्म लांघना पड़ा महंगा
[caption id="attachment_583073" align="aligncenter" width="190"]alt="" width="190" height="300" /> बबलू साव (फाइल फोटो)[/caption] घटना के संबंध में बताया जाता है कि गोमो नया बाजार निवासी मोती साह का इकलौता 21 वर्षीय पुत्र शिवचरण साव, शंकर साव का 18 वर्षीय पुत्र बबलू साव एवं बरवाअड्डा धनबाद निवासी मनोज साव का 18 वर्षीय पुत्र विकास साव निकट के संबंधी भोला साव के यहां आए थे. बबलू साव इंटर का एग्ज़ाम देकर धनबाद से लौट रहा था. उसके दोनों साथी बबलू व शिव चरण भी साथ थे. तीनों युवक ई एम यू ट्रेन से रात लगभग 8 .30 बजे गोमो स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4 पर उतरने के बाद पास ही सदानंद झा मेला देखने और घर पहुंचने की जल्दी में थे. तीनों प्लेटफार्म संख्या 3 के अगले छोर पर पुराने रेस्टोरेंट के समीप रेल लाइन पार कर दो नंबर प्लेटफार्म पर आने के लिए सीधे ट्रैक पर उतर गए. परंतु प्लेटफार्म दो पर पहले से एक मालगाड़ी खड़ी थी, जो उसी वक्त खुल गई. यह देख तीनों युवक तीन नंबर रेल लाइन पर खड़े रह गए.
काल बनी राजधानी एक्सप्रेस, दूर तक घसीटती ले गई
[caption id="attachment_583076" align="aligncenter" width="284"]alt="" width="284" height="300" /> शिवचरण साव (फाइल फोटो)[/caption] उसी वक्त हावडा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस उसी लाइन से गुजरी व क्षणभर में तीनों युवकों को चपेट में ले लिया. राजधानी की तेज रफ्तार युवकों के शवों को दूर तक घसीटती ले गई, जिसमें शरीर के टुकड़े-टुकड़े ट्रैक पर बिखर गए. हालांकि इतनी बड़ी घटना का पता भी लोगों को नहीं चला. पहले चर्चा हुई कि कोई जानवर कट गया है. बाद में रेल कर्मचारी एवं जीआरपी के जवानों ने मांस के टुकड़े एवं हड्डियों को बारीकी से पडताल कर पहचाना कि लाइन पर बिखरे शव किसी इंसान के हैं. हालांकि शवों की शिनाख्त रात लगभग 12 बजे ही हो सकी. क्योंकि उसी वक्त शहीद सदानंद झा मेला में स्थानीय लोग ऑर्केस्ट्रा का लुत्फ उठाने में व्यस्त थे. उसी कार्यक्रम में जब खबर फैली तो लोग घटनास्थल की ओर दौड़े. अंततः रात लगभग 12 बजे लोगों ने बारी बारी से शवों की शिनाख्त की. खबर फैलते ही गोमो शहर सन्नाटे में आ गया.
परिजनों के चीत्कार से अन्य लोगों की आंखें भी हुई नम
[caption id="attachment_583077" align="aligncenter" width="84"]alt="" width="84" height="300" /> विकास साव (फाइल फोटो)[/caption] 18 मार्च की सुबह भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गोमो स्टेशन पर टुकड़ों में बंटे शव को सूनी आंखों से निहार रहे थे. हर किसी की आंख से आंसुओं की बरसात, हर व्यक्ति का कलेजा छलनी हो रहा था. परिजनों के चीत्कार से पूरा स्टेशन परिसर गम में डूब गया. सगे-संबंधी सहित गांव-घर के लोग भी बदहवास स्थिति में उस पल को कोस रहे थे, जब राजधानी एक्सप्रेस ने तीन युवकों को मौत की नींद सुला दी. दिन के 11 बजे गोमो जीआरपी थाना की पुलिस ने कागजी पक्रिया पूरी कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेमोरियल अस्पताल धनबाद भेज दिया है.

Leave a Comment