Search

 
 
 

धनबाद : बीबीएमकेयू के कैंटीन आवंटन में भी किसी खास पर हुई मेहरबानी

 

निर्माण में टेंडर के नियमों को रखा ताख पर, सामान का रेट भी बाजार से ज्यादा

Niraj Kumar Dhanbad : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के भेलाटांड़ स्थित नये परिसर में लगता है नियम-कानून का टोटा पड़ा है. आए दिन हंगामा, प्रदर्शन व कुलपति पर आरोपों की गूंज के बीच अब पता चला है कि विश्वविद्यालय के कैंटीन का भोजन व चाय-पानी भी कायदे-कानून की अवहेलना के बाद ही नसीब हुआ है. आरोप है कि नियमों को ताख पर रख कैंटीन बना दी गई. निर्माण के पहले टेंडर प्रक्रिया ठीक से पूरी नहीं की गई. किसी खास पर मेहरबानी रखने की परंपरा को यहां भी बखूबी निभाया गया. नियमों से आंखें चुराते हुए चूज़ एंड पिक प्रक्रिया को तरजीह दी गई व किसी ख़ास को कैंटीन दे दी गई. विवि प्रशासन पर एक की बजाय छह लोगों को कैंटीन आवंटित करने का आरोप है. विश्वविद्यालय परिसर के भीतर कैंटीन आवंटन में उचित प्रक्रिया नहीं अपनाये जाने पर राजस्व का भी नुकसान हुआ. शिकायत राजभवन तक पहुंची, जांच भी हुई. मगर फलाफल का पता नहीं.

नोटिस बोर्ड पर लगाया गया था टेंडर का नोटिस

विश्वविद्यालय परिसर में कैंटीन निर्माण के लिए प्रबंधन ने जनवरी 2023 के अंतिम सप्ताह में टेंडर के स्थान पर आवेदन आमंत्रित किया. स आवेदन के लिए भी विश्वविद्यालय के बोर्ड पर नोटिस चिपका दिया गाय. न समाचार पत्रों में विज्ञापन, न ही विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर विवरण. नोटिस पर नजर पड़े तो ठीक, वरना किसी खास के लिए तो सब कुछ है ही.

आवेदन खुला भी नहीं व शुरू हो गया था निर्माण

बता दें कि बीबीएमकेयू प्रशासन ने 2 फरवरी तक आवेदन मांगा था. बाद में तिथि बढ़ा कर 7 फरवरी की गई. 8 फरवरी की शाम तक यह तय नहीं हो पाया था कि कैंटीन किसे आवंटित किया गया है. बावजूद 8 फरवरी की रात से विश्वविद्यालय परिसर में कैंटीन का निर्माण शुरू हो गया. यह खबर लगातार व शुभम संदेश में प्रमुखता से प्रकाशित भी हुई थी.

अनजान बन गए थे रजिस्ट्रार व सीसीडीसी

इस संबंध में जब तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ सुधीनता सिन्हा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया था कि पूरी प्रक्रिया सीसीडीसी सेक्शन से हुई है. तत्कालीन सीसीडीसी डॉ एके माजी ने कैंटीन से संबंधित कोई फ़ाइल होने से ही अनभिज्ञता जताई थी. बताया था कि 7 फरवरी तक वह खुद छुट्टी पर थे. जाहिर है, बगैर उनके हस्ताक्षर के नए परिसर में कैंटीन का निर्माण शुरू हो चुका था.

ऊंची पैरवी तो कैंटीन के सामान की कीमत भी ऊंची

[caption id="attachment_741658" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/canteen-1-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> विश्वविद्यालय कैंटीन का रेट चार्ट[/caption] आमतौर पर स्कूल या कॉलेज में संचालित कैंटीन के सामान की कीमत बाजार मूल्य से कम होती है. लेकिन मनमाने तरीके से आवंटित बीबीएमकेयू कैंटीन में विद्यार्थियों से कीमत भी मनमानी ली जा रही है. रेस्टोरेंट वाली दर यहां भी है. विद्यार्थियों से चाय 10 रुपये, समोसा व आलू चॉप प्रति पीस 10 रुपये, ब्रेड चॉप प्रति पीस 15 रुपये वसूला जा रहा है. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही