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धनबाद : झुलसती गर्मी में गश खाकर गिर पड़ा धरना पर बैठा झमाडा आश्रित

Dhanbad : झमाडा आश्रित अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ लगातार डटे हुए हैं. उनके आंदोलन  के  50 दिन पूरे हो चुके हैं. इस बीच मंगलवार 12 अप्रैल को  तीन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गयी. कोई गश खाकर गिर पड़ा तो किसी ने बेचैनी की शिकायत की. उन्हें सहयोगियों ने आनन-फानन धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल पहुंचाया.  बीमार आश्रितों में मेहराबुल अंसारी, उमाकांत राय और धीरेंद्र राम शामिल हैं. [caption id="attachment_288209" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/aashrit-300x135.jpeg"

alt="" width="300" height="135" /> झमाडा कार्यालय के समक्ष धरना दे रहे आश्रित[/caption] सहयोगियों  द्वारा इलाज कराये जाने के बाद उनकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ. वैसे धनबाद का पारा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और आश्रित अपनी जायज मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ अड़े हुए हैं. वे इस चिलचिलाती दोपहर में भी खुले टेंट में अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. जहां एक तरफ जिला प्रशासन द्वारा येलो अलर्ट करते हुए दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर ना निकलने की लोगों से अपील की जा रही है, वही अपनी जायज मांगों को लेकर आश्रित  तपती गर्मी में भी टेंट लगाए बैठे रहने को विवश हैं. आश्रितों में अरविंद हाड़ी ने बताया कि प्रबंधन के खिलाफ  पिछले 50 दिनों में प्रबंधन से लगभग पांच बार वार्ता हुई, जो विफल रही. उन्होंने कहा कि 3 बार झमाडा के एसडीओ पंकज झा के साथ और दो बार माडा एमडी के साथ वार्ता हुई. हर बार वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला. आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक  मांगें मान नहीं ली जाती. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bomb-attack-on-railway-contractors-house-in-jharia/">धनबाद

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