समस्याओं के बीच खुद को भूल जाना समाधान नहीं
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अनुराधा ने किया. डब्लू एचओ का एक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया. कार्यक्रम में बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही. इस कार्यक्रम में तीन समूह थे फ्रायडीएन समूह, व्यवहारवादी समूह और संज्ञानात्मक समूह. संज्ञानात्मक समूह के बच्चों ने सेल्फ केयर, उसके महत्व और गतिविधियों के बारे में बताया. फ्रायडी एन समूह ने शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया. व्यवहारवादी समूह ने अपने नाटक द्वारा खुद और दूसरों के प्रति सकारत्मक सोच को दर्शाया. बताया कि समस्याएं सब के जीवन में हैं, पर समस्याओं के बीच अपने आप को भूल जाना समाधान नहीं है. बहुत कुछ जरूरी है, पर सबसे जरूरी हम खुद हैं और हमें अपना ख्याल खुद ही रखना होगा. कार्यक्रम में सभी विभागों के शिक्षक मौजूद थे. भूदा कैंपस के प्रो इनचार्ज प्रो अमरजीत सिंह, प्रो.दीपक कुमार, डॉ. मीना मालखंडी, प्रो. संजय सिन्हा, डॉ नीता ओझा, प्रो दलजीत सिंह, प्रो सोनू प्रसाद यादव, डॉ वर्षा सिंह, प्रो चिरनजीत अधिकारी, प्रो स्नेहल गोस्वामी, प्रो नीतू कुमारी मौजूद थी. साथ ही मनोविज्ञान की प्रो किरण कुमारी सिंह और प्रो प्रतिमा कुमारी का सक्रिय योगदान रहा. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-tribal-women-took-out-victory-procession-on-the-victory-of-draupadi-murmu/">धनबाद:द्रौपदी मुर्मू की जीत पर आदिवासी समाज की महिलाओं ने निकाला विजय जुलूस [wpse_comments_template]

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