Gomoh : धनबाद रेल मंडल के गोमो स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया में करोड रुपए की लागत से निविदा पर सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है. जो जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में तस्करी कर लायी गयी मिट्टी युक्त बालू ,निम्न स्तर की बांग्ला ईट व सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, मसाला मिलाने व ढलाई कार्य में रेलवे के कीमती पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है. सौंदर्यीकरण कार्य पिछ्ले छह माह से चल रहा है. शौचालय के पानी की सप्लाई पाईप लाइन में ठेकेदार अपने पाईप जोड़ कर पानी ले जा रहे हैं.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/05/gomo-222.gif"
alt="" width="600" height="400" /> इस पानी का इस्तेमाल मिक्चर मशीन में मसाला बनाने, ढलाई कार्य व फर्श पर पटवन के लिए किया जा रहा है. बता दें कि गोमो रेलवे स्टेशन में पानी की घोर किल्लत के बावजूद संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए है. पिछले वर्ष चौरापट्टी तालाब सूख जाने के कारण तीन माह तक गोमो स्टेशन परिसर में पानी सप्लाई पूरी तरह ठप थी. रेल यात्रियों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड रहा था, रेल कर्मियों के परिवारों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी.
alt="" width="600" height="400" /> इस पानी का इस्तेमाल मिक्चर मशीन में मसाला बनाने, ढलाई कार्य व फर्श पर पटवन के लिए किया जा रहा है. बता दें कि गोमो रेलवे स्टेशन में पानी की घोर किल्लत के बावजूद संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए है. पिछले वर्ष चौरापट्टी तालाब सूख जाने के कारण तीन माह तक गोमो स्टेशन परिसर में पानी सप्लाई पूरी तरह ठप थी. रेल यात्रियों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड रहा था, रेल कर्मियों के परिवारों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी.
Leave a Comment