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धनबाद: बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व बाल मजदूरी से रोकना जरूरी

 

सविमं सिनीडीह में बाल संरक्षण व अधिकार विषय पर सेमिनार के वक्ताओं के उद्गार

Katras: सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में 18 अगस्त शुक्रवार को लायंस क्लब बाघमारा की ओर से बाल संरक्षण, बाल अधिकार व बाल विवाह मुक्त भारत विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में मुख्य वक्ता प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि बच्चे समाज में हो रहे अपराध के बारे में जानें. उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाए व उन्हें बाल मजदूरी को रोका जाए. उन्होंने कहा कि देश में 14 नवंबर 2012 को पोक्सो एक्ट लागू किया गया. कानून का उद्देश्य लैंगिक अपराध रोकना है. देश में लड़कियों के लिए विवाह की उम्र 18 एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है. इसके पूर्व लड़कियों का विवाह कराना कानून की नजर में अपराध है. कम उम्र मे लड़कियों का विवाह हो तो शारीरिक, सामाजिक क्षति के साथ मातृ व शिशु मृत्यु दर में वृद्धि होती है. इन सभी चीजों की जानकारी के लिए सामाजिक जागरुकता आवश्यक है. बाल कल्याण समिति बोकारो के अध्यक्ष शंकर रवानी ने कहा कि बच्चों के अधिकार व उनके संरक्षण के कानून को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है. बाल मजदूरी के साथ बाल विवाह की परंपरा आज भी कुछ जगहों पर कायम है. समाज को जागरूक किया जाए तो निश्चित रूप से यह अपराध दूर हो सकता है. विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार सिंह ने विषय की प्रस्तावना रखी. उन्होंने छात्र-छात्राओं से इस प्रकार की परंपरा के नकारात्मक प्रभावों से समाज को अवगत कराने की अपील की. मंच संचालन लायंस क्लब, बाघमारा के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने किया. अतिथियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित भी किया गया. [wpse_comments_template]
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