बाल सुधार गृह के बच्चों का शैक्षणिक विकास जरूरी
न्यायाधीश के आदेश के आलोक में आज 54 बंदियों के बीच पुस्तकों का वितरण किया गया. उन्हें बाल कानून व उसके प्रावधानों की जानकारी दी गई. न्यायाधीश श्रीमती बारला ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण साधन है. शिक्षा जीवन के कठिन समय में चुनौतियों से सामना करने में सहायता करती है. आत्मविश्वास विकसित करने के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायता करती है. बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों का शैक्षणिक विकास आवश्यक है. क्योंकि बच्चों को अपराधी की तरह नहीं देखा जाता. ऐसा माना जाता है कि जानकारी नहीं होने के कारण उनसे गलती हो गई.जल्द ही बच्चों को दी जाएगी कंप्यूटर की भी ट्रेनिंग
न्यायाधीश श्रीमती बारला ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द ही बच्चों को कंप्यूटर की भी ट्रेनिंग दी जाएगी उन्हें स्मार्ट क्लास कराया जाएगा. इस मौके पर बाल सुधार गृह के एक दंडाधिकारी मनोज कुमार इंदवार, उपाधीक्षक, संतोष कुमार प्रसाद, सीडीपीओ साधना कुमारी, बोर्ड के सदस्य राकेश चौबे, पूनम कुमारी डालसा के रिटेनर अधिवक्ता अजय कुमार भट्ट डालसा सहायक सौरभ सरकार ,अरुण कुमार, संतोष कुमार, संजय सिन्हा, अनुराग पांडे, राज गोपाल, पैरा लीगल वालंटियर राजेश सिंह, गीता कुमारी, चंदन कुमार आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-why-are-you-teaching-a-child-when-there-is-no-money/">धनबाद:जब रुपये नहीं हैं तो बच्चे को पढ़ाते क्यों हो [wpse_comments_template]

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