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धनबाद:  जेबीसीसीआइ की बैठक कोलकाता में आज, 11 वर्षों बाद इंटक की इंट्री

विशेष संवाददाता Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) जॉइंट बिपर टाइट कमेटी ऑन कोल इंडस्ट्रीज (जेबीसीसीआइ ) की कल 18 अप्रैल की बैठक में कांग्रेस समर्थित इंटक को 11 वर्षों बाद शामिल होने का मौका मिलेगा. जेबीसीसीआइ की 9 वीं बैठक मंगलवार को कोलकाता स्थित कोल इंडिया के मुख्यालय कोल भवन में होगी.  बैठक में कोयला मजदूरों के वेतन समझौते के तहत सामाजिक सुरक्षा व भत्तों पर चर्चा के बाद सहमति बनने की संभावना है. वेतन समझौते की मुख्य मांग मिनिमम गारंटी बेनिफिट (एमजीबी) पर 3 जनवरी की आठवीं बैठक में ही सहमति बन चुकी है. हालांकि एमजीबी पर सहमति के बावजूद कोयला मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान करने की बजाए कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार बैठक में मजदूरों के रात्रि भत्ता, वाहन भत्ता, भूमिगत भत्तों समेत अन्य भत्तों पर चर्चा होगी. समाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन रिवीजन, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली चिकित्सा सुविधा सीपीआर एमएस-एनइ को और सशक्त बनाने व प्रबंधन का सहयोग राशि बढ़ाने पर चर्चा होगी.

   एक दशक के बाद इंटक की वापसी से बदला माहौल

आपसी खींचतान और नेताओं के बीच गहराये विवाद के कारण कोई 11 वर्षों के बाद इंटक की जेबीसीसीआइ में वापसी हो रही है. इसमें इंटक के 4 मेन और 4 अल्टरनेट मेंबर शिरकत करेंगे. नौवें वेतन समझौता की 31 जनवरी 2012 को बैठक में अंतिम बार इंटक प्रतिनिधि शामिल हुए थे,जिन्होंने वेतन समझौता पर हस्ताक्षर किए थे. दसवें वेतन समझौता के लिए जेबीसीसीआइ के गठन के पूर्व ही आपसी विवाद के कारण ददई दूबे गुट ने दिल्ली हाई कोर्ट में 14 सितंबर 2016 को 8152/2016 याचिका दायर कर दी. नतीजा हुआ कि 16 सितंबर 2016 को सुनवाई के बाद न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने इंटक को जेबीसीसीआइ में शामिल होने पर रोक लगा दी.

  अदालत के चक्कर में यूनियन को नुकसान

दसवीं जेबीसीसीआइ बगैर इंटक के प्रतिनिधित्व के हुई एवं दसवां वेतन समझौता भी बगैर इंटक सदस्यों के 10 अक्टूबर 2017 को संपन्न हुआ. 11 वीं जेबीसीसीआइ में शामिल होने के लिए बेरमो विधायक जयमंगल सिंह की अध्यक्षता वाले इंडियन माइंस वर्कर्स फेडरेशन ने कोलकाता हाई कोर्ट में 22 जून 2021 को याचिका दायर की लेकिन 29 जून 2021 को सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली. जुलाई 2021 में फेडरेशन ने कोलकाता हाई कोर्ट के डबल बेंच में मैट ( एमएटी ) 623 / 2021 दायर किया. 10 फरवरी 2023 को कोलकाता हाई कोर्ट ने कोल इंडिया को जेबीसीसीआइ की मीटिंग में इंटक को शामिल करने का आदेश दिया. हालांकि इस आदेश के खिलाफ दुबे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया, जिसे कोर्ट ने डिसमिस कर दिया. ज्ञातव्य है कि विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह इंटक के पर्याय रहे विधायक राजेन्द्र सिंह के पुत्र हैं. एक ही राजनीतिक दल में रहने के बावजूद धनबाद के पूर्व सांसद ददई दुबे का राजेन्द्र सिंह से छत्तीस का रिश्ता रहा. वर्षों तक मामला अदालत में रहा. एक वक्त था जब पंडित विन्देश्वरी दुबे  न केवल इंटक के अध्यक्ष थे, बल्कि कोयलांचल में सक्रिय तमाम यूनियनों के सर्वमान्य नेता माने जाते थे. अति विश्वस्त होने के कारण विन्देश्वरी दुबे ने राजेन्द्र सिंह को परोक्ष रूप से अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रखा था. [wpse_comments_template]

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