Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) कोयला मजदूरों के 11 वेतन समझौता के मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग ( एमओयू ) आज हस्ताक्षर हो गया. कोलकता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में जेबीसीसीआइ की मीटिंग में प्रबंधन एवं यूनियनों के बीच सहमति के बाद हस्ताक्षर हुआ. बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन की अनुपस्थिति में कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक एवं 11 वें जेबीसीसीआइ के मेंबर सेक्रेटरी विनय रंजन ने बैठक की अध्यक्षता की. बाद में एमओयू पर हस्ताक्षर के समय चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल भी मीटिंग में शामिल हो गए थे. बताते चलें कि शुक्रवार 19 मई को भी जेबीसीसीआइ की बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी. सभी भत्तों का भुगतान जून 2023 के वेतन जुलाई से होगा. यानी भत्तों का एरियर का भुगतान नहीं होगा. कल की बैठक में भूमिगत भत्ता, विशेष भत्ता आदि को फ्रिज करने पर जिच बनी थी. प्रबंधन फ्रिज करने पर अड़ा था. आज भी अड़ा रहा. अंत में फ्रिज पर ही सहमति बनी. मेडिकल अनफिट समेत अन्य मुद्दों पर मानकीकरण कमेटी में निर्णय लिया जाएगा
एमओयू की खास बातें
19 प्रतिशत मिनीमम गारंटी बेनिफिट वार्षिक बढोतरी 3 प्रतिशत भूमिगत भत्ता 11.25 प्रतिशत (फ्रिज) विशेष भत्ता 5 प्रतिशत (फ्रिज) कन्वेंस भत्ता 62.5 रुपया प्रतिदिन नर्सिंग भत्ता 500 प्रतिमाह ठेका मजदूरों को हाई पॉवर कमेटी की सुविधा
एक जुलाई 2021 से 11 वें वेतन समझौता की अवधि शुरू हो गयी थी. 10 जून 2021 को 11 वें जेबीसीसीआइ का गठन हुआ. 17 जुलाई 2021 को पहली बैठक हुई. कुल दस बैठक हुई. 3 जनवरी 2023 को आठवीं बैठक में 19 प्रतिशत एमजीबी पर सहमति बनी थी. आज एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद स्वीकृति के लिए कोयला मंत्रालय भेजा जाएगा. जानकारों के मुताबिक कोयला मंत्रालय डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज (डीपीई) से स्वीकृति मांगेगा. क्योंकि डीपीई के दिशा निर्देश के मुताबिक कर्मचारियों का वेतन अधिकारियों से अधिक नहीं होना चाहिए. 19 प्रतिशत एमजीबी के बाद ग्रेड ए वन कर्मी का वेतन ई 3 अधिकारी से अधिक हो जा रहा है. इसी बात को लेकर कोल अधिकारियों के संगठन ने कोयला मंत्रालय, कोल सचिव,कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखा,मिलकर बात की है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस वेतन समझौते को स्वीकृति मिलती है या नहीं. हालांकि प्रबंधन ने कहा कि 15 जून तक डीपीई की स्वीकृति मिल जाएगी. [wpse_comments_template]
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