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धनबाद : झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति ने अग्नि प्रभावित क्षेत्र के लोगों की तत्काल सुरक्षा की लगाई गुहार

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डीसी को ज्ञापन देकर पुनर्वास होने तक प्रभावित परिवार को प्रति माह 5 हज़ार रूपये देने का सुझाव
Dhanbad : बारिश के मौसम में झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धसान की घटना को मद्देनज़र बुधवार 23 अगस्त को झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति ने डीसी वरुण रंजन को एक ज्ञापन देकर प्रभावित लोगों की तत्काल सुरक्षा की मांग की है. समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने ज्ञापन में प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत राहत शिविर लगाने का आग्रह किया है. [caption id="attachment_737965" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/RAJIV-SHARMA-272x268.jpg"

alt="" width="272" height="268" /> राजीव शर्मा, अध्यक्ष, झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति[/caption]

राहत शिविर के साथ-साथ 5 हज़ार रूपये सहायता राशि देने का प्रस्ताव

राजीव शर्मा ने डीसी से ऐसे संकटग्रस्त लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसने तक 5,000 रुपये प्रति माह देने का सुझाव दिया है. साथ ही वीरान पड़ी खुली खदानों को समतल कर फायर जोन के लोगों को वहां बसाने का भी प्रस्ताव दिया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट न हो.  समिति ने पिछले दिनों जमीन धंसने से हुई जानमाल के नुकसान के लिए जिम्मेवार बीसीसीएल के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है.

बीसीसीएल लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं

राजीव शर्मा ने बताया कि डीसी वरुण रंजन उपायुक्त होने के साथ-साथ झरिया पुनर्वास विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) के प्रबंध निदेशक भी हैं. पुनर्वास का काम इनकी देख रेख में हो रहा है. कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन प्रभावित लोगों के जीवन को बचाने को लेकर गंभीर नहीं है. बीसीसीएल ने अग्नि प्रभावित लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं. लोगों को जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार से बहुत उम्मीदें हैं.

हाल की घटनाओं का ज़िक्र कर चेताया

राजीव शर्मा ने हाल की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि बीते 29 जुलाई को घनुडीह में जमीन धंसने से परमेश्वर चौहान (40) की मौत हो गयी. 3 अगस्त को जिया कुमारी (11) और रिंकू देवी (35) ओवरबर्डन (ओबी) से जल गई थी, बाद में इलाज के दौरान जिया की मौत हो गयी. 12 अगस्त को आग के गड्ढे से अचानक निकले जहरीले गैस से गोधर निवासी एक महिला बेहोश हो गयी. एक सप्ताह बाद सिजुआ-जोगता कोलियरी क्षेत्र में देर रात जमीन धंसने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गये. यह">https://lagatar.in/dhanbad-jmm-protests-by-shutting-down-maithon-water-treatment-plant/">यह

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