Dhanbad : झमाडा के पूर्व कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द नौकरी मिलने की उमीद है. झमाटा प्रबंधन इसकी प्रक्रिया में जुट गया है. नियोजन की मांग को लेकर मृत कर्मियों के आश्रित पिछले 54 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. इस दौरान प्रबंधन के साथ उनकी कई बार वार्ता हुई, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. वे प्रबंधन के खिलाफ डटे रहे. धरना के 54 दिन बीत जाने पर शनिवार, 16 अप्रैल को झमाडा के टीएम इंद्रेश शुक्ला ने बताया कि झारखंड सरकार को पत्र लिखकर बहाली की अनुमति मांगी गई है. सरकार से अनुमति मिलते ही बहाली की दिशा की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया जाएगा.
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सरकार को पत्र भेजकर मांगी है अनुमति : टीएम
उन्होंने बताया कि सरकार को भेजे पत्र में कहा गया है कि झमाडा में स्टाफ की भारी कमी है. आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की ओर से आश्रितों का आवेदन जमा लिया जा रहा है. कई लोगों ने अपना आवेदन कार्यालय में जमा भी कर दिया है. आवेदन का समय और एक सप्ताह बढ़ाया जाएगा, ताकि बचे हुए आश्रित भी भरकर जमा कर सकें. इसके बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी और योग्य उम्मीदवारों की बहाली के लिए उनकी सूची सरकार के पास भेजी जाएगी. सरकार की हरी झंडी मिलते ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=290849&action=edit">यहभी पढ़ें : धनबाद : बंद खदान में नहाने गया आठवीं का छात्र डूबा [wpse_comments_template]
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