Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : जज उत्तम आनंद हत्याकांड : 58 गवाह, दो अनुसंधानकर्ता और एक साल, अब सजा

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) 8 उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में उनकी बरसी 28 जुलाई को ही कोर्ट ने पहला फैसला सुनाया. फैसले में अभियुक्तों को दोषी ठहराया जा चुका है, अब सजा का फैसला 6 अगस्त को सुनाया जाएगा. अदालत में पूरे एक साल के दौरान सुनवाई में 169 गवाहों में से 58 लोगों की गवाही हुई. सीबीआई ने अनुसंधानकर्ता बदले. कोर्ट ने कई बार प्रोग्रेस रिपोर्ट पर सीबीआई को फटकार लगाई. अंततः सीबीआई के अनुसंधान पर विशेष कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने सुनवाई पूरी की और आज का दिन फैसले के लिए मुकर्रर किया था.

 क्यों असमय नियति ने छीन ली जिंदगी

हजारीबाग जिले के शिवपुरी मुहल्ला के रहने वाले जज उत्तम आनंद ने अनहोनी के छह माह पहले ही धनबाद जिले में योगदान दिया था. इससे पहले वह बोकारो जिला में पदस्थापित थे. 2021 में 28 जुलाई की मनहूस सुबह में जब वह आदतन मॉर्निंग वाक पर निकले, तभी उन्हें एक ऑटो चालक ने ठोकर मारी. वह सड़क किनारे गिर पड़े. कुछ समय बाद लोगों की नजर पड़ी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, मगर तब तक वह इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके थे. वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्री और एक पुत्र को छोड़ गए हैं. उनके बच्चे बोकारो के संत जेवियर्स स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. वह बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे. घटना के तीन दिन पहले ही उन्होंने रांची के होटवार जेल में बंद अमर सिंह के गुर्गे रवि ठाकुर और अभिनव सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

 अंतिम सफर का वह मनहूस क्षण

28 जुलाई 2021 की सुबह एडीजे-8 उत्तम आनंद प्रतिदिन की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए अपने आवास से निकले थे. वह सड़क के किनारे जोगिंग करते हुए रणधीर वर्मा चौक से हटिया मोड़ की ओर बढ़ रहे थे. तभी सुबह 5:08 मिनट पर एक ऑटो ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हालांकि पुष्टि SNMMCH में हुई. बाद में घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांच करने पर पूरा मामला सामने आया था. इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया. फिर झारखंड सरकार की अनुशंसा पर मामले की सीबीआई जांच शुरू हुई. पूरे मामले की मॉनिटरिंग झारखंड हाई कोर्ट खुद कर रहा था.

  सदर थाना प्रभारी ने लिखी थी पहली एफआइआर

घटना के बाद पहली एफआइआर सदर थाना प्रभारी विनय कुमार ने धनबाद सदर थाना में दर्ज की थी. पत्नी की शिकायत पर उन्होंने मामला दर्ज किया था. इसके बाद मामला सीबीआई के पास चला गया तो केस के पहले आईओ विजय शुक्ला बने थे. परंतु मामले की धीमी प्रगति को देखते हुए कोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई ने विकास कुमार को आईओ बनाया था. उन्हीं के अनुसंधान से मामला फैसले तक पहुंचा.

 कोर्ट ने प्रोग्रेस रिपोर्ट पर कई बार उठाये सवाल

मामले की जांच जिस गति से चल रही थी उस पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने कई बार सवाल उठाए थे और सीबीआई के अधिकारियों पर कई तल्ख टिप्पणियां भी की थी. इसी वजह से सीबीआई ने केस आईओ भी बदला था.

  जांच में ऐसे जुटाए सुबूत

जांच में दो बार दोनों आरोपियों की ब्रेन मैपिंग कराई गई, सीबीआई ने हत्या के अलावा ऑटो चोरी और मोबाइल चोरी की दो अलग-अलग एफआइआर दर्ज कर इन एंगल पर सबूत जुटाए. सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक अमित जिंदल ने दो मोबाइल कंपनियों के नोडल ऑफिसर प्रभात झा और निर्भय कुमार सिन्हा की गवाही कराई. गोविंदपुर स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी शमशेर ने भी गवाही दी

  कब क्या हुआ : घटनाक्रम

28 जुलाई 2021 को हुई थी घटना 29 जुलाई को गिरिडीह और धनबाद से आरोपी लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा गिरफ्तार 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी से मांगी रिपोर्ट 31 जुलाई को सीएम ने की सीबीआई जांच की अनुशंसा 4 अगस्त को सीबीआई ने शुरू की जांच 20 अक्टूबर 2021 को सीबीआई ने जेल में बंद ऑटो चालक लखन वर्मा एवं उसके सहयोगी राहुल वर्मा के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, भादवि की धारा 302/201/34 के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में समर्पित किया गया था आरोप पत्र 29 जनवरी 2022 को सीबीआई ने पूरी जांच टीम बदल दी, विजय शुक्ला को हटाकर स्पेशल क्राइम यूनिट टू के एसपी विकास कुमार को बनाया गया जांच अधिकारी 2 फरवरी 2022 को कोर्ट में आरोप का हुआ गठन 7 मार्च 2022 को इस हुई पहली गवाही 5 माह में 169 में से 58 गवाहों का हुआ बयान यह भी पढ़ें: BREAKING">https://lagatar.in/breaking-judge-uttam-anand-murder-case-lakhan-and-rahul-convicted-under-section-302-and-201-for-the-first-time-in-5-months-the-cbi-court-gave-the-verdict/">BREAKING

: जज उत्तम आनंद हत्याकांड: लखन और राहुल धारा 302 व 201 के तहत दोषी करार, पहली बार 5 महीने में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला [wpse_comments_template]               .  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही