मीटर खोल कर लाने का झंझट खत्म
उपभोक्ताओं की शिकायत मिलने पर मीटर को खोलकर एमआरटी कार्यालय लाना पड़ता था. परंतु पोर्टेबल एक्यूचेक मशीन से अब इंडस्ट्री या उपभोक्ता के घर में ही जाकर मीटरों को चेक करना आसान हो गया है. ऑन द स्पॉट उपभोक्ताओं को मीटरों की एक्यूरेसी दिखा दी जाती है. रीडिंग डिजिटल होने की वजह से उपभोक्ता संतुष्ट भी होते हैं. एक्यूचेक मशीन से मीटरों की जांच मात्र 45 मिनट में हो जाती है.पहले जुगाड़ तकनीकी से होती थी जांच
बिजली वितरण निगम के एमआरटी ऑफिस में नई तकनीक की मशीन नहीं होने की वजह से पहले जुगाड़ तकनीक से हीटर जलाकर मीटर की जांच की जाती थी. इस जुगाड़ तकनीक में 1000 वाट के तीन हीटर लगाये जाते थे. सिंगल फेज मीटर की जांच एक हीटर के जरिए होती थी., थ्री फेज मीटर की जांच के लिए एक हजार वाट के तीन हीटर का उपयोग होता था. हालांकि मीटर के रीडिंग की एक्यूरेसी की गारंटी नहीं दी जा सकती थी.अब जांच रिपोर्ट में एक्यूरेसी : आनंद कौशिक
एमआरटी धनबाद एक्जीक्यूटिव इंजीनियर आनंद कौशिक ने बताया कि संसाधन के अभाव में अब तक एमआरटी में मीटरों की जांच में एक्यूरेसी बरकरार रखना मुश्किल था. मशीनों से मीटर की जांच रिपोर्ट में एक्यूरेसी आई है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-sudamdih-police-launched-a-campaign-to-stop-coal-theft/">धनबाद: सुदामडीह पुलिस ने चलाया कोयला चोरी रोकने का अभियान [wpse_comments_template]

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