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धनबाद : नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी कंचन हाजरा को बीस वर्ष कैद

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) चौदह वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी फूफवाडीह बरवड्डा  निवासी कंचन हाजरा को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने बीस वर्ष कैद एवं पांच हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है. सोमवार को अदालत ने कंचन को दोषी करार दिया था. अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए मंगलवार 21 मार्च की तारीख तय की थी. प्राथमिकी पीड़िता की शिकायत पर बरवाअड्डा थाने में दर्ज की गई थी. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 18 दिसंबर 20 को कंचन के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. 10 फरवरी 21 को आरोप तय किए जाने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अपर लोक अभियोजक  ने ग्यारह गवाहों का परीक्षण कराया था.

छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी दोषी, सजा 22 को

धनबाद : छह वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी चिरूडीह तोपचांची निवासी संजय कुमार महतो को अदालत ने दोषी करार दिया है. पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए बुधवार 22 मार्च की तारीख तय की है. प्राथमिकी पीड़िता के पिता के शिकायत पर तोपचांची थाने में  दो अगस्त 20 को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 22 जुलाई 20 को मामी पीड़िता को स्नान करा रही थी तो उसने उसके शरीर के अंदरूनी अंग में जख्म देखा. मामी ने पूछा तो पीड़िता ने बताया कि उसके चाचा संजय महतो ने उसके साथ गलत काम किया था. पीड़ित के माता-पिता ने संजय से बात की तो उसने इनकार किया. इसके बाद पीड़ित के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस ने संजय के विरुद्ध 31 अगस्त 20 को आरोप पत्र दायर किया था. 3 मार्च 21 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अभियोजन ने 8 गवाहों का परीक्षण कराया था.

  नीरज हत्याकांड :संजीव व अन्य की याचिका पर बहस 

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत अन्य लोगों की हत्या के मामले में मंगलवार 21 मार्च को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, अमन सिंह, सागर सिंह, कुर्बान अली व चंदन सिंह द्वारा दायर प्रेस के संवाददाताओं को गवाही के लिए बुलाए जाने व  संजीव सिंह की ओर से ट्रैफिक डीएसपी को गवाही हेतु बुलाने की याचिका पर बहस हुई. संजीव सिंह की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने दलील पेश की.  कहा कि हर मुकदमे के अभियुक्त को उसके बचाव के लिए समुचित मौका दिया जाता है. क्या किसी अभियुक्त को उसका हाथ बांधकर बचाव करने के लिए कहा जा सकता है. अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा ने पुरजोर विरोध किया. संजीव सिंह ने 14 मार्च 23 को आवेदन दायर कर कहा था कि मामले के अनुसंधान के दौरान रामाह्लालाद राय के कहे अनुसार पुलिस ने संभावित अभियुक्तों के चेहरे का स्कैच बनाया था और उसे प्रेस को दिया था, जिसे अखबारों ने  29 मार्च 17 को प्रकाशित किया था. इसलिए संवाददाताओं को गवाही के लिए बुलाया जाए. करीब आधे घंटे तक चली बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया. [wpse_comments_template]

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