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धनबाद : कतरी सिर्फ नदी नहीं, तोपचांची-कतरास की पहचान है- माना पाठक

Topchanchi : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/dhanbad-kendriya-vidyalaya-student-drowned-while-taking-bath-in-maithon-dam/">(Dhanbad)

कोयलांचल का प्रमुख स्थान कतरास का नामकरण यहां से गुजरने वाली कतरी नदी के नाम पर हुआ है. इसका उद्गम स्थान तोपचांची है. आसामाजिक तत्वों ने नदी के 90 प्रतिशत हिस्से का अतिक्रमण कर लिया है. अब तो नदी का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है. झारखंड जनहित मोर्चा के संस्थापक केंद्रीय अध्यक्ष माना पाठक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 11 जून रविवार को नदी को बचाने के लिए अभियान शुरू किया. इसके तहत तोपचांची प्रखंड की ढांगी बस्ती से बाइक रैली निकाली गई, जो सिंहदाहा पंचायत के दुल्हीनडीह में कतरी नदी तट पहुंची. लोगों ने नदी के पास जोरदार प्रदर्शन किया. मोर्चा अध्यक्ष माना पाठक ने कहा कि कतरी नदी का अस्तित्व खतरे में है. कतरी सिर्फ नदी नहीं, बल्कि तोपचांची-कतरास की पहचान है. इसे बचाने के लिए आम लोगों को आगे आने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि है जीवन के लिए नदियां काफी महत्वपूर्ण हैं. नदियां प्राकृतिक धरोहर होती हैं. कतरी नदी में बढ़ते अतिक्रमण की वजह से कई जगहों पर तो श्मशान घाट तक खत्म हो चुके हैं. बाइक रैली व प्रदर्शन में प्रदीप तिवारी, दिनेश तिवारी, शिबू महतो, शमसुद्दीन अंसारी, मंजीत तिवारी, भारती देवी, रेखा देवी, रीना देवी, मंजू बाला देवी, दुलाली देवी, जोशना देवी, किरण देवी,गीता देवी ,कविता देवी, लिलावती देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-chaos-after-the-dead-body-of-bccls-retired-employee-was-found-in-the-drain/">धनबाद

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