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धनबाद : गांधी रोड के लालबाबू ने बदला कारोबार का ठिकाना

लॉटरी का अवैध कारोबार : एलबी मार्का से बिकती है लालबाबू की लॉटरी,छपाई बंगाल में

Dhanbad : धनबाद के गांधी रोड के रहने वाले लॉटरी माफिया लालबाबू सिंह ने कारोबार का ठिकाना बदल लिया है. उसने काम करने के तरीके में भी बदलाव लाया है. उसकी लॉटरी अब चाय-पान की दुकानों की बजाय सीधे हाथों-हाथ पार्टी को बेची व खरीदी जा रही है. लॉटरी के अवैध कारोबार को लेकर शुभम संदेश में चलाई जा रही मुहिम के तहत खबर छपने के बाद लालबाबू सिंह ने अपने सभी हॉकर को एक सप्ताह की लॉटरी एक बार में ही दे दी है. यानी वो एक सप्ताह तक लॉटरी हॉकर से दूर रहेगा. सिर्फ इतना ही नहीं, उसने सोशल मीडिया से भी अपने सारे खाते हटा लिए हैं, ताकि उसकी कोई निशानदेही न हो सके. ज्ञात हो कि लालबाबू सिंह ने धनबाद में लॉटरी का कारोबार कर अकूत संपत्ति बना ली है. कभी लॉटरी खेलने में उसकी गाड़ी बिकी थी, बाद में उसने लॉटरी बेचकर और बिकवा कर कई गाडि़यां खरीदी और गांधी रोड में शानदार घर भी बना लिया है. उसके पास फिलहाल एक दर्जन वाहन हैं. लालबाबू सिंह के टिकट एलबी मार्का से पहचाने जाते हैं, उसके टिकट के किनारे पर इंग्लिश में एल और बी लिखा होता है.

तीन साल पहले पकड़ाया था, रकम देकर छूटा

लालबाबू सिंह को बैंकमोड़ पुलिस ने करीब तीन साल पहले लॉटरी के अवैध कारोबार में दबोचा था. उसके घर से लाखों रुपये के लॉटरी टिकट भी बरामद हुए थे.  इस बरामदगी को लेकर पुलिस ने कहा कि उसके पास से पुरानी तारीखों की लॉटरी बरामद हुई थी,  इस कारण उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. जबकि सच्चाई कुछ और थी. पुलिस द्वारा मोटी रकम लेकर उसे छोड़ने की बात तक चर्चे में रही थी. हालांकि इस छापेमारी के बाद लालबाबू के रिश्तेदारों और उसके बेटों ने इस कारोबार से उसे दूरी बनाने की सलाह दी थी. करीब डेढ़ माह तक उसने खुद को कारोबार से दूर भी रखा लेकिन फिर अवैध कमाई के लालच ने उसे लॉटरी बिकवाने पर मजबूर कर दिया. अब वो अपने इलाके यानि धनबाद, बैंकमोड़, जोराफाटक, गांधी नगर, धनसार, विक्ट्री, बरमसिया, भूली, पुराना बाजार, पानी टंकी आदि इलाकों का सबसे बड़ा लॉटरी विक्रेता है.

पुलिस के रडार पर लालबाबू 

लालबाबू सिंह पुलिस के भी रडार पर है. क्योंकि उसका एक हॉकर बीते रविवार को लॉटरी बेच रहा था, तभी एक पुलिस कर्मी ने उसे पकड़ा. नाम आदि पूछने के बाद उसे छोड़ दिया, क्योंकि उसके पास महज कुछ टिकट ही थे. पुलिस को उसने बताया कि वह लॉटरी लालबाबू से खरीदता है. पुलिस चाह रही थी कि हॉकर को जेल भेजे लेकिन मात्र कुछ लाटरी होने के कारण पुलिस ऐसा नहीं कर पाई. लेकिन लालबाबू के बारे में पुलिस तक सूचना पहुंच गई है. इस कारण ही लालबाबू ने अपने कारोबार का ठिकाना बदल लिया है.

भूली के मुकेश ने भी उगला था नाम

बैंकमोड़ में नगर निगम कार्यालय के समक्ष से पुलिस ने भूली के मुकेश नामक हॉकर को अवैध लॉटरी टिकटों के साथ पकड़ा था. पुलिस ने उससे पूछताछ की थी, तब मुकेश ने भी कहा था कि वह लालबाबू सिंह के टिकट बेचता है. तब पुलिस रेस हुई थी. हालांकि लालबाबू सिंह तब भूमिगत हो गया था. पुलिस उसे पकड़ने की जुगत में लगी थी, बाद में उसे घर से दबोचा था. हालांकि इस प्रकरण के बाद लालबाबू सिंह काफी शातिर तरीके से कारोबार करने लगा है.

झारखंड में प्रतिबंधित है लॉटरी

झारखंड में लॉटरी पूरी तरह से प्रतिबंधित है. बावजूद इसके लॉटरी का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है. स्थानीय पुलिस से सेटिंग-गेटिंग कर गरीबों को अमीर बनाने का सपना दिखाते हैं और इनकी गाढ़ी कमाई से अपनी जेबें भर रहे हैं. धनबाद में दर्जन भर से अधिक लॉटरी माफिया हैं, जो अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं. यह भी पढ़ें :">https://lagatar.in/dhanbad-12-home-guards-who-did-duty-on-fake-documents-dismissed/">

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