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धनबाद : एक साधारण विवाद को ‘बड़ा’ करने की फिराक में नेता

Anil Panday Dhanbad/Sindri :  हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) की मजदूर यूनियन में दबदबा कायम करने की लड़ाई को बाहरी-भीतरी बनाने का प्रयास हो रहा है. 25 अगस्त को जनता मजदूर संघ से जुड़े लक्की सिंह के कार्यालय में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ के पीछे यही कहानी है.

लक्की सिंह बनाम संतोष चौधरी

हर्ल में दबदबे के लिए लक्की सिंह और फ़र्टिलाइज़र वर्कर्स यूनियन के महामंत्री संतोष चौधरी में विवाद है. 18 अगस्त को लक्की सिंह गुट और संतोष चौधरी गुट में मारपीट हुई थी. संतोष चौधरी ने लक्की सिंह, अमर सिंह समेत अन्य पर मारपीट एवं छिनतई का मामला बलियापुर थाना में दर्ज करवाया था. लक्की सिंह गुट के पुरुषोत्तम कुमार सिंह ने संतोष चौधरी, जयराम यादव समेत अन्य पर मारपीट एवं छिनतई की शिकायत की थी. यह मामला शांत होने लगा था.

सब्जी बेचने वाली महिला से विवाद 

इस बीच 22 तारीख को दूसरी घटना हो गई. 22 को लक्की सिंह के एक समर्थक का एक सब्जी बेचने वाली महिला से विवाद हो गया. हुआ यह कि सब्जी लेने के बाद समर्थक ने पांच सौ का नोट दिया. महिला के पास खुले पैसे नहीं थे. बहस के बाद उस समर्थक ने महिला की सब्जी की टोकरी बिखेर दी. इस बात की शिकायत लेकर कुछ ग्रामीण शहरपुरा स्थित लक्की सिंह के कार्यालय पहुंचे थे. वहां भी बहस हो गई. लक्की सिंह के समर्थकों ने शिकायत करने गए ग्रामीणों युवकों के साथ मारपीट कर दी. इसमें 6 ग्रामीण युवक घायल हो गए थे. इस बात को लेकर 22 अगस्त की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे एक दर्जन ग्रामीण युवक लक्की सिंह के कार्यालय पहुंचे. फिर दोनों ओर से मारपीट हो गई. इसमें भी आधा दर्जन लोग घायल हुए. इसकी शिकायत लक्की सिंह ने सिंदरी थाना में की है.

और नेताओं को मौका मिल गया 

घायल ग्रामीण बलियापुर थाना क्षेत्र के रांगामाटी और बड़दाहा गांव के हैं. इस बात को लेकर मासस के बबलू महतो, जगदीश रवानी, बलराम महतो, सीताराम महतो, गणेश महतो की अगुवाई में 23 अगस्त और 24 अगस्त को बैठक हुई थी. जिसे बीजेपी के संतोष महतो और 1932 खतियानी आंदोलन के जयराम महतो का समर्थन था. बैठक को दूसरा रूप देने का प्रयास यही शुरू हुआ. बैठक कर बलियापुर के ग्रामीणों को एकजुट किया गया. 25 अगस्त को सिंदरी के शहरपुरा में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन की बात की गई थी. 25 अगस्त की दोपहर को लगभग दो हजार की संख्या में ग्रामीण शहरपुरा पहुंचे. ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी. लेकिन ग्रामीणों को शहरपुरा बाजार आने से पुलिस नहीं रोक सकी. ग्रामीण बाजार पहुंचे और उग्र हो गए और लक्की सिंह के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई. भीड़ आवास की ओर बढ़ी. उसे पुलिस ने किसी तरह रोका.

तोड़फोड़ से मेरा  कुछ लेना-देना नहीं : संतोष चौधरी

मामले को लेकर फ़र्टिलाइज़र वर्कर्स यूनियन के महामंत्री संतोष चौधरी ने लगातार से कहा कि लक्की सिंह से विवाद है. लेकिन, ग्रामीणों द्वारा किए गए आंदोलन और तोड़फोड़ से उनका कुछ लेना-देना नहीं है. ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे बबलू महतो को लगातार ने कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. राजद के जिला अध्यक्ष, सिंदरी निवासी तारकेश्वर यादव ने कहा कि सिंदरी में सौहार्दपूर्ण  वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है. वे बाहरी-भीतरी की राजनीति नहीं  होने देंगे. जो दोषी हैं, उस पर पुलिस कार्रवाई करे. लोग बताते हैं कि 1970 में भी कुछ लोगों ने सिंदरी का माहौल गर्म कर दिया था. तब आनंद महतो और सूर्यदेव सिंह ने  आगे आकार सब कुछ ठीक किया था. यह भी पढ़ें : आईआईटी-आईएसएम">https://lagatar.in/dhanbad-on-the-second-day-in-iit-ism-students-are-trying-to-find-solutions-to-their-problems/">आईआईटी-आईएसएम

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