आशीर्वाद टावर में हुई अगलगी से हिल गया था धनबाद, लेकिन कोई बिल्डर के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई Dhanbad : कोयलांचल में यदि रहना है तो अपनी सुरक्षा खुद करना सीखें. क्योंकि सिस्टम के बलबूते यहां सबकुछ संभव नहीं है. आशीर्वाद टावर अग्निकांड के बाद भी शहर में ऐसा ही नजारा देखने को मिला. घटना के बाद शहर के बहुमंजिला इमारतों की जांच शुरू हुई, जिसमें गड़बड़ी भी मिली. उसके बाद नोटिस-नोटिस का खेल चला और फिर मामला शांत हो गया. न किसी बिल्डर के खिलाफ मुकदमा हुआ और न ही नक्शा के विपरीत बना एक भी भवन टूटा. यानी पूरे घटनाक्रम के बाद सिर्फ लीपापोती का खेल हुआ.
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52 बहुमंजिला इमारतों की निगम ने की थी जांच
नगर आयुक्त ने बहुमंजिला इमारतों की जांच के लिए तीन टीमें गठित की थी. एक महीना में 52 अपार्टमेंट की जांच हुई, जिसमें 45 अपार्टमेंट और मॉल में गड़बड़ी मिली. इनमें से एक में भी फायर सेफ्टी का इंतजाम ठीक नहीं था. नक्शे में भी विचलन पाया गया. जांच के बाद बिल्डरों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ.मई महीने तक आग में जलता रहा धनबाद
धनबाद में वर्ष 2023 की शुरुआत भयावह रही. 27 जनवरी की रात हाजरा क्लिनिक में पहली अगलगी की घटना हुई, जिसमें पांच लोग की मौत हो गई. इसके तीन दिन बाद यानी 31 जनवरी को आशीर्वाद टावर में आग लग गई और 14 लोग जिंदा जल गए. इसके बाद स्टील गेट सब्जी बाजार, सेंटर प्वाइंट, डीजीएमएस, निरसा, गोविंदपुर आदि क्षेत्रों में मई तक लगातार छोटी-बड़ी घटना होती रही. परंतु व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आया. इस बाबत धनबाद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने कहा कि अपार्टमेंट, मॉल की जांच के बाद रिपोर्ट जमा कर दी गई थी. उसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी मुझे नहीं है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-playing-with-the-security-of-sail-colliery-division-jeetpur-jamsan/">धनबाद:सेल कोलियरी डिवीजन जीतपुर की सुरक्षा के साथ हो रहा खिलवाड़: जमसं [wpse_comments_template]
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