हमले के आरोपी को दस वर्ष की कैद, 50 हजार जुर्माना
जानलेवा हमला के 5 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा की अदालत ने मामले के नामजद आरोपी गोविंदपुर निवासी मोहम्मद मंजूर अंसारी उर्फ अलमुचु को 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है. प्राथमिकी मोहम्मद जमील अख्तर की शिकायत पर गोविंदपुर थाना में दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 4 सितंबर 2017 की रात आठ बजे मोहम्मद जमील उसका भाई सनाउल्लाह गोविंदपुर की मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे. इसबीच आरोपी मंजूर अंसारी आया और गाली-गलौज करने लगा. उसने जमा मस्जिद में नमाज पढ़ रहे मोहम्मद सनाउल्लाह के सिर पर 8 किलो के हथौड़े से वार कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह से जख्मी हो गया. उपस्थित लोगों ने उससे हथौड़ा छीन लिया था. आनन-फानन में लोग सनाउल्लाह को इलाज के लिए जालान अस्पताल ले गए थे. लोगों ने मंजूर को मौके से पकड़ लिया था.नाबालिग से दुराचार का दोषी करार, सजा 29 अगस्त को
शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग के साथ दुराचार व उसे गर्भवती बना देने तथा गर्भपात कराने के आरोपी तीसरा निवासी पवन बाउरी को अदालत ने दोषी करार दिया है. पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख निर्धारित की है. अदालत ने मामले के सह आरोपी सुबल बाउरी एवं मालती देवी को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया है. प्राथमिकी पीड़िता की शिकायत पर 8 जनवरी 19 को तिसरा थाना मे दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक पवन बाउरी से पीड़िता की दोस्ती थी. पवन ने उसे शादी का प्रलोभन देकर लगातार दुराचार किया. वह गर्भवती हो गई. 22 नवंबर 2018 की रात पीड़िता की पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया. जिसके बाद पवन बाउरी, सुबल बाउरी, मालती देवी व अन्य उसके घर आए और उसे चिरकुंडा के एक निजी अस्पताल में ले गए. जहां पीड़िता और उसके घर वालों को धमकी देकर पीड़िता का जबरन गर्भपात करा दिया. पीड़िता ने एक लड़की को उस वक्त जन्म दिया था, जो थोड़ी देर बाद मर गई थी. आरोपियों ने पीड़िता को दर्द से कराहते हुए रात में रणधीर वर्मा चौक पर छोड़ दिया था. 23 नवंबर 18 की रात एक राहगीर ने पीड़िता को पीएमसीएच में भर्ती कराया था.अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार को विदाई
धनबाद में गजब का प्रेम और सम्मान मिला. जिसका मैं काबिल नहीं था. 7 वर्ष के अपने कार्यकाल में मैंने धनबाद को परिवार जैसा समझा. उक्त बातें 25 अगस्त को अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कही. वे अपने सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि पूरे झारखण्ड में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सबसे काबिल हैं. वीरेंद्र कुमार को सरकार ने बोकारो जिला का प्रभारी लोक अभियोजक बनाया है. श्री कुमार के सम्मान में जिला अभियोजन पदाधिकारियों द्वारा विदाई समारोह आयोजित किया गया था. इसमें प्रभारी लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह, अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा, मोहम्मद जब्बार, अवधेश कुमार, सहायक लोक अभियोजक उमेश दीक्षित, समित प्रकाश, हरेश राम, सोनी कुमारी एवं राजीव उपाध्याय समेत दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित थे. यह भी पढ़ें : सिंदरी">https://lagatar.in/dhanbad-ruckus-on-lucky-in-sindri-firing-3-police-officers-injured/">सिंदरीमें “लक्की” पर बवाल, फायरिंग, 3 थानेदार घायल [wpse_comments_template]

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