धनबाद: जिंदगी वही गढ़ते हैं जो शिलाएं तोड़ते हैं: सीईओ
Maithan : श्रमिक दिवस पर 1 मई सोमवार को एमपीएल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए. इस अवसर परपर मजदूर दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए एमपीएल के सीईओ विजयंत रंजन ने कहा कि कामगार भाइयों की कड़ी मेहनत के बूते ही कोई संस्था या देश सफलता की ऊंचाइयों को छूता है. उनके बिना हम तरक्की की कल्पना नहीं कर सकते. कहा कि जिंदगी वही गढ़ते हैं, जो शिलाएं तोड़ते हैं. श्रमिकों की हिम्मत और हौसलों के बूते ही देश आज प्रगति के पथ पर अग्रसर है. श्रमिक विकासशील देश की नींव हैं. उन्होंने सशक्त भारत की बुनियाद की मजबूती में योगदान देने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण की कामना की. सीईओ श्री रंजन ने कहा कि जरूरत है नई सृष्टि की और हर पल नया कदम बढ़ाते रहने की. कहा कि यह गर्व की बात है कि महिला श्रमिक भी प्रगति के पथ पर कदम से कदम मिलाकर सभी दिशाओं में मिसाल पेश कर रही हैं और महिला सशक्तीकरण की प्रेरणा स्रोत बनी हैं. सीईओ श्री रंजन ने अपनी भावनाओं का इजहार करते हुए कहा कि "विश्व गगन पर हर साल गुंजे, श्रमिकों के जयगान, आओ मिलकर हम सब करें उनके योगदानों को सलाम." उन्होंने कहा है कि देश में तरक्की का उजियारा तभी फैलेगा जब श्रमिकों का विकास होगा. श्रमिक कहीं से भी किसी से कम नहीं हैं. जब उनके सपनों को पंख लगता है, तब कोई भी राष्ट्र विश्व के क्षितिज पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है. [wpse_comments_template]

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