Search

धनबाद: भगवान की भक्ति के बिना अधूरा है जीवन: राजेंद्र जी महाराज

शिवलिंग पूजन व रुद्राभिषेक के पांचवें दिन सती चरित्र का वर्णन

Govindpur :  शिव महापुराण कथा एवं सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन व रुद्राभिषेक के पांचवें दिन गुरुवार 27 जुलाई को फॉरेस्ट रिसोर्ट मे वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजेंद्र जी महाराज ने कहा कि भक्ति के बिना जीवन अधूरा है. 84 लाख योनियों में सबसे सुंदर शरीर मनुष्य का है. भगवान के आशीर्वाद के बिना मनुष्य जीवन प्राप्त नहीं होता. नर तन सम नहीं कोन्यो देहि. जीव चराचर जाचत जेहि. भगवान ने मनुष्य शरीर भगवान की सेवा के लिए बनाया है. सेवा सबसे बड़ा धर्म है. कथा व्यास ने कहा कि शिवपुराण महोत्सव में लोग कई तरह की सेवा कर रहे हैं. कोई तन से तो कोई मन से तो कोई धन से सेवा कर रहा है. उन्होंने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है. मनुष्य जीवन पाकर प्रभु की भक्ति हर प्राणी का धर्म है. महाराज जी ने भजन के माध्यम से भी कहा कि तेरा पल- पल बीता जाए,  भजले ओम नमः शिवाय. उन्होंने शिव विवाह प्रसंग में सती चरित्र का वर्णन किया और कहा कि सती ही दूसरे जन्म में पार्वती बनी, परंतु भक्ति और प्रेम के कारण उन्होंने शिव की आराधना की और दूसरे जन्म में भी शिव के साथ उनका विवाह हुआ. गौरी शंकर महादेव के नाम से विख्यात हुए. महाराज ने कहा कि आज भी विवाह के अवसर पर शिव के साथ पार्वती की पूजा होती है. भगवान शिव आशुतोष हैं. आशुतोष का मतलब शीघ्र प्रसन्न होने वाला. जो उनकी भक्ति करता है, उसे वह सब कुछ प्रदान करते हैं. [caption id="attachment_713341" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/shiv-katha-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> भगवान की झांकी के साथ शिवभक्त[/caption] इस अवसर पर शिव विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई. शिव की बारात निकली. उन्होंने कहा कि पति-पत्नी गृहस्थ रूपी गाड़ी के दो पहिए हैं. दोनों पहियों का सुचारू रूप से चलना जरूरी होता है, तभी जीवन की गाड़ी आगे बढ़ती है. उन्होंने कहा कि सती जब शिव की बात नहीं मानती और अपने पिता के यहां यज्ञ में पहुंच जाती है तो वहां उन्हें अपमानित होना पड़ता है. इसके बाद वह क्रोध से शरीर का त्याग कर देती हैं. इससे यह शिक्षा लेनी चाहिए कि पति की बात का सम्मान पत्नी को करना चाहिए. पत्नी की भी बात का आदर होना चाहिए. इस अवसर पर धर्मेंद्र जी महाराज एवं ओम दीक्षित ने शिव पार्वती का विधिवत विवाह कराया. शिवलिंग पार्थिव पूजन में शिव भक्त परिवार के केशव हड़ोदिया,  रामबाबू अग्रवाल, शंभूनाथ अग्रवाल, जवाहर लाल गुप्ता, विक्रम खेमका, सुनील बजाज, विजय हड़ोदिया, अरुण मोदी, संजीव गुप्ता, कौशल पांडेय, गोपाल ठक्कर, मनीष चौधरी,  नवीन पोद्दार,  गोविंद अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, नंदलाल अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, दीपक पोद्दार, अनिल अग्रवाल, आनंद मित्तल, सुनील सरिया, मुकेश अग्रवाल आदि शामिल थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp