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धनबाद : ऑनलाइन कंपनियों और शॉपिंग मॉल के झांसे में फंसे स्थानीय व्यवसायी

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) लोकल कारोबारी इन दिनों ऑनलाइन और बड़े शॉपिंग मॉल के पेच में फंस गए है. इन कारोबरियों अल्पकालीन लाभ के झांसे में आकर अपने ही पांव में कुल्हाड़ी मार ली है और अब ऑनलाइन कंपनियों तथा बड़े शॉपिंग मॉल द्वारा छोटे व्यवसायियों के व्यवसाय में सेंधमारी का रोना रो रहे हैं. धनबाद में कई बड़ी कंपनियों ने जब शॉपिंग मॉल खोल पहला कदम रखा, तो मात्र दो वर्षों में बड़े स्टोर्स बंदी के कगार पर पहुंच गए थे. कई लोगों को तो महीनों तक बोहनी भी नहीं हुई थी. फिर बंपर डिस्काउंट ऑफर का नया कुचक्र आया. बावजूद आम ग्राहक आकर्षित नहीं हुए.

  इन कंपनियों को व्यवसायियों ने ही बनाया ताकतवर

तब इन कंपनियों को धनबाद के व्यवसायियों ने ऑक्सीजन दी,जिसका खामियाजा उन्हें अब भुगतना पड़ रहा है. धनबाद के व्यवसायी अल्पकालीन लाभ के झांसे में आकर अपनी अपनी गाड़ियों के साथ शॉपिंग मॉल पहुंचने लगे और उनका माल थोक में उठाने लगे. दुष्परिणाम यह हुआ कि उन कथित सेक्टर का टारगेट पूरा होने लगा और कंपनिया उन्हें और भी ज्यादा छूट देने लगी. और एक बार फिर सभी कंपनियां भिन्न भिन्न नाम से आने लगी और सीधे ग्राहकों को ही सर्विस देने लगी. सिर्फ मॉल में लगी बड़ी कंपनियों के माल ही नहीं, ऑनलाइन कंपनियों के सामान भी अधिक छूट पर धनबाद के व्यपारियों ने अधिक लाभ कमाने की मंशा से खरीदारी की. आज वही कंपनियां अपने सेक्टर का टारगेट पूरा करते हुए धनबाद में उन्हें मुहतोड़ जबाब दे रही है.

           व्यापारी खुद जिम्मेदार : प्रमोद गोयल

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प्रमोद गोयल, सेक्रेटरी बैंक मोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स[/caption] धनबाद के व्यवसायी व बैंकमोड़ चेम्बर के सेक्रेटरी प्रमोद गोयल ने कहा है कि ऑनलाइन कंपनियों तथा मॉल में लगी बड़ी कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए धनबाद के व्यवसायी खुद जिम्मेदार हैं. अब भी एकजुट हो कर सुनियोजित ढंग से एक नीति बनाएं  और दोहरी नीति वाली कंपनियों को चेतावनी देकर उनका बहिष्कार करने की हिम्मत दिखाएं, अपने ग्राहकों को व्यवहार, सुविधा और क्षमतानुसार छूट दें, तो निश्चित सफल होंगे. स्थानीय बाजार कभी खत्म नहीं हो सकता है. वह हर युग में रीढ़ की हड्डी साबित हुआ है.

   इन कंपनियों की ओर क्यों बढ़े व्यवसायी

नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ व्यवसायियों ने बताया कि माल देने वाले डीलर विभिन्न प्रोजेक्ट पर 5 से लेकर 15 % तक की बचत दिया करते थे. अगर किसी परफ्यूम की कीमत ₹200 है तो कंपनी उसमें हमें 4 से 5% की बचत देती है. उसी प्रोडक्ट पर बड़े मॉल या ऑनलाइन में 20 से 30 % तक छूट मिलती है. अर्थात 200 रुपये के प्रोजेक्ट पर 20 % छूट मिलती है तो उस परफ्यूम की कीमत 160 रुपये हो जाती है और कभी कभी तो बाय 2 गेट 1 फ्री का भी लाभ मिलता है. इसी कारण व्यवसायियों ने बड़े मॉल और ऑनलाइन कंपनियों की ओर रुख किया. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-daily-passengers-performed-vishwakarma-puja-in-the-moving-train-coalfield-express/">धनबाद

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