Topchachi : भागवत सेवा समिति साहोबहियार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण यज्ञ के पांचवें दिवस पर वृंदावन से पधारे आचार्य ब्रजेश जी महराज ने पूतना मोक्ष, बाल लीला, माखन चोर, एवं गोवर्धन लीला आदि की कथा सुनाई. श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में ही पूतना का वध कर उसे मोक्ष दिया. भगवान कृष्ण दया के सागर हैं और वह सब पर दया करते रहते हैं. राक्षसी पूतना का वध कर भगवान ने बताया कि वे शत्रु पर भी अपनी कृपा बनाए रखते हैं. जब कृष्ण बड़े हुए तो उन्होंने वन-वन गाय चराकर गो रक्षा-सेवा का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मनुष्य की सच्ची भक्ति के कारण पत्थर में भी भगवान प्रकट हो सकते हैं. कृष्ण अवतार में भगवान का एक ही उद्देश्य था कि अपने सभी भक्तों के साथ लीला कर उनके मनोरथों को पूरा करे. कथा में भगवान श्रीकृष्ण के आगे 56 भोग लगाया गया. भारी संख्या में कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच महाभोग का वितरण किया गया. श्रद्धालुओं ने महाराज के गाए भजनों पर नृत्य किया. [wpse_comments_template]
धनबाद: भगवान कृष्ण ने पूतना का वध नहीं किया, मोक्ष दिया : आचार्य ब्रजेश जी
Last Updated: May 24, 2023 12:00 AM (IST)