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धनबाद : अब संगठित होकर गरीबों का लूटेंगे लॉटरी माफिया

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अवैध लॉटरी का कारोबार पार्ट - 6

  • लॉटरी माफियों में जंग, समीर अकेला तीन हुए संग
  • पुलिस व विवाद मैनेज करने के लिए तीन लॉटरी माफियाओं का बना है सिंडिकेट
  • जामाडोबा का तनवीर व अली के साथ मिल गया झरिया का निक्की, समीर को दी चुनौती
  • कई थानों व पदाधिकरियों से मिली इस सिंडिकेट को हरी झंडी, जबकि समीर पहले ही ले चुका है
Rizwan Shams Dhanbad : झरिया के लॉटरी माफियाओं में कारोबारी वर्चस्व को लेकर उठा-पठक की शुरुआत हो गई है. गरीबों और मजदूरों की गाढ़ी कमाई लूटने में झरिया से लेकर सिंदरी तक में सबसे बड़ा नाम समीर है, इसके खिलाफ तीन लॉटरी माफिया एक साथ हो गए हैं और पुलिस मैनेज करने से लेकर हर काम में साथ-साथ चल रहे हैं. हालांकि यह तीनों एक सिंडिकेट में होने के बाद भी अपने-अपने ब्रांड की ही लॉटरी बेचने का काम करेंगे, ऐसा ही इकरार तीनों के बीच हुआ है.सूत्रों की मानें तो झरिया से लेकर सिंदरी तक एक-दो थाना-ओपी को छोड़ दिया जाए तो सिंडिकेट को हर थाने से हरी झंडी मिल चुकी है. ये खेल मात्र तीन-चार दिनों में खेला गया है. कुल मिलाकर यह कहा जाए कि अब लूटने के इस कारोबार को लॉटरी माफिया संगठित हो करेंगे. बताते चलें कि पूर्व में समीर ने पुलिस मैनेज कर लॉटरी के कारोबार में अपना दबदबा कायम किया था, इसके बाद समीर इस अवैध धंधे में किसी को भी आसपास फटकने नहीं दे रहा था. हालांकि अब लगभग हर क्षेत्र में लॉटरी के धंधेबाज खड़े हो गए हैं और अपना पांव पसार रहे हैं. हालांकि पुराने शातिर समीर को आज भी टक्कर देना आसान नहीं था, इस कारण तीन बड़े धंधेबाज एकजुट हो गए और तीनों मिलकर काम कर रहे हैं, हालांकि शातिर समीर के पैंतरे भी कम नहीं हैं, आने वाले दिनों में वो भी कुछ नया गुल खिला सकता है. ऐसे में यह बात कहना गलत नहीं होगा कि इन सभी लोगों में इस बात की होड़ मची है कि कौन गरीबों व मजदूरों और हर दिन कमा कर जिंदगी गुजारने वालों को कितना ज्यादा लूट सकता है, ऐसे कारोबार में खाकी की खुली सहमति मिलना और भी खतरनाक साबित हो सकता है. बताते चलें कि पूर्व एसएसपी के समय ये सारे अवैध कारोबारी खूब फले-फुले थे, नए एसएसपी एचपी जर्नादनन के आने के बाद मामला फंस गया. साहब का मूड भांपा गया तो कोई भी लाइजनर फिलहाल तक यहां नहीं पहुंचा है. हालांकि कोई वर्मा है, जो इन धंधेबाजों को वादा कर रहा है कि वो साहब से बात कर लेगा. इस कारण ये सारे धंधेबाज बिना पुलिस को मैनेज किए ही काम कर रहे थे, लेकिन धंधेबाज पूरी तरह से बेखौफ और खुलकर काम करना चाहते हैं, इस कारण सभी धंधेबाजों की दस्तक थानेदार, डीएसपी और शहरी साहब के दरवाजे तक पहुंच चुकी है. सूत्रों की मानें तो जोरापोखर थाना को छोड़कर अन्य जगहों पर हरी झंडी मिल चुकी है, जोरापोखर में अभी मामला पेंडिंग पड़ा है.

निक्की ने किया सिंडिकेट को एकजुट

झरिया का निक्की भी लॉटरी के धंधे में एक पुराना नाम है. पूर्व में निक्की सरकारी यानी वैध लॉटरी का कारोबार करता था. कई सालों तक उसने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में लॉटरी का काम किया. इसके बाद वह करीब एक साल से झरिया आ गया और अवैध लॉटरी का काम करने लगा. साल भर में निक्की ने लॉटरी के काम में कमाई देख ली और उसने इस कमाई के माध्यम को और बड़ा करने के लिए अब सिंडिकेट बना लिया है. इस सिंडिकेट के बने हुए मात्र तीन-चार दिन ही हो रहे हैं और तीन-चार दिनों में ही सिंडिकेट की गतिविधि तेज हो गई है. सिर्फ जिले के बड़े साहब को छोड़कर सब जगह बात बन चुकी है या फिर बनने के करीब है, ऐसे में निक्की ने सिंडिकेट को भरोसा दिलाया है कि बड़े साहब के यहां वर्मा नाम का एक आदमी है, जो काम करा देगा. इसी बात पर पूरा सिंडिकेट खुश है. वहीं समीर इस खेल का पुराना माहिर है, उसे पूर्व से ही मैनेज करने का अनुभव है, इस कारण उसे भी फिलहाल तक कोई खास दिक्कत नहीं हुई, सिर्फ जोरापोखर में ही उसे भी फटकार मिली और बैरंग लौटा दिया गया था.

इधर झरिया में गेसिंग भी चालू

लॉटरी के साथ-साथ झरिया में दो जगहों पर गेसिंग का काम चालू हो गया है. झरिया के बनियाहीर मैदान और इंदिरा नगर भालगोरा में दो अलग-अलग धंधेबाजों ने गेसिंग शुरू किया है. गेसिंग में रकम लगाने वालों की भीड़ इन जगहों पर जमा होने लगी है. बताते चलें कि गेसिंग भी एक तरह का जुआ है, जिसमें जुआरी रकम लगाते हैं, कभी धनबाद में हजारों लोग इस गेसिंग के खेल में बर्बाद हुए थे, कई सालों से धनबाद में गेसिंग का खेल बंद था, लेकिन अब एक बार फिर से गेसिंग की शुरुआत हो गई है. इसे भी पढ़ें : लालू">https://lagatar.in/ed-arrested-lalus-close-aide-and-sand-king-subhash-yadav-court-sent-him-to-judicial-custody/">लालू

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