प्रभार में है सहायक व कनीय अभियंता का पद, लोगों को हो रही भारी परेशानी
Maithon : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मैथन अवर प्रमंडल कार्यालय में बीते चार साल से एक नाईट गार्ड को छोड़कर एक भी स्थायी कर्मी नहीं है. जबकि इस कार्यालय के जिम्मे एग्यारकुंड प्रखंड व निरसा प्रखंड क्षेत्र सहित चिरकुण्डा के कुछ क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति करने की ज़िम्मेवारी है. यहां पर एक सहायक अभियंता, एक कनीय अभियंता, क्लर्क, पाईप इंस्पेक्टर आदि का स्वीकृत पद है. चार साल पहले यहां सहायक अभियंता, कनीय अभियंता व क्लर्क आदि कार्यरत थे. लेकिन उन सभी का तबादला होने के बाद पिछले चार साल से यहां पर किसी का पदास्थापना नहीं की गई है.प्रभार में चल रहा है सहायक व कनीय अभियंता का पद
गोविंदपुर में कार्यरत सहायक अभियंता को ही मैथन कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वहीं निरसा के कनीय अभियंता को मैथन कनीय अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले पदाधिकारी अपने मूल कार्यालय से ही मैथन कार्यालय का कार्य निष्पादित करते है और महीने में एक-दो बार ही मैथन आते हैं. मैथन का कार्यालय प्रायः बंद ही रहता है.लोगों को हो रही परेशानी
कार्यालय बंद रहने के कारण कार्यालय की स्थिति जर्जर होने लगी है. दूसरी तरफ आमजन अपनी समस्याओं को लेकर भटकते रहते हैं. क्षेत्र में पेयजल की संकट बना हुआ है. यदि कोई व्यक्ति फोन पर प्रभारी सहायक या कनीय अभियंता को पानी की समस्या की शिकायत करता भी है. तो जबाब मिलता है कि सबकुछ पंचायत के अधीन है, मुखिया से मिलें.आउटसोर्सिंग से संचालित हो रही योजनाएं
विभाग के कार्यपालक अभियंता जे. होरो ने बताया कि पदास्थापना का मामला सरकार स्तर का है. जहां तक क्षेत्र में काम करने की बात है तो विभाग के पास जो संसाधन व मैनपावर उपलब्ध है, उसी से काम करना पड़ता है. मैनपावर की कमी के कारण कार्य करने में कठिनाई तो होती ही है. कहा कि पेयजल से संबंधित सरकार की जो भी योजनाएं हैं, उसे आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. यह">https://lagatar.in/dhanbad-outsourcing-workers-of-chapapur-colliery-in-nirsa-blocked-the-road-so-hooked-management/">यहभी पढ़ें : धनबाद : निरसा में चापापुर कोलियरी के आउटसोर्सिंग मजदूरों ने किया चक्का जाम, तो झुका प्रबंधन [wpse_comments_template]
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