Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/dhanbad-controversy-deepens-in-coal-board-employees-co-operative-credit-society/">(Dhanbad)
के धैया स्थित जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन 20 जून को मुनि प्रमाण सागरजी के सानिध्य में भावना योग का आयोजन हुआ. इसके बाद पंडाल में कलश, शांतिधारा के उपरांत पंचकल्याणक योग विधान किया गया. मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला. कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से भगवान बनता है. जैन धर्म प्रत्येक जीवन में तीर्थंकर बनने में विश्वास करता है. जिस मनुष्य के दिल में एक बार धर्म का बीज पड़ जाता है, वो धीरे-धीरे धर्म के रास्ते पर चलकर महान बन जाता है. उन्होंने कहा कि साधना का मार्ग मुश्किल है, पर आराधना आसान है. आराधना में मनुष्य साधना करने वाले का फॉलो कर ले, तो भी महान बन सकता है. आराधना के रास्ते पर चल कर साधना के शिखर पर पहुंचा जा सकता है. शाम 7 बजे महाआरती के बाद दूसरे दिन के कार्यक्रम का समापन होगा. आयोजन में भाग लेने देश-विदेश से सैकड़ों जैन अनुयायी धनबाद आए हुए हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-kovid-testing-vaccination-workers-and-data-operators-adamant-on-strike/">धनबाद:
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धनबाद : मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से भगवान बनता है- मुनि प्रमाण सागर जी

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