Gomoh : गोमो (
Gomoh) मजदूर नेता शहीद सदानंद झा का 50 वां शहादत दिवस पर शनिवार 11 मार्च को रेलवे मार्केट चौक के समीप स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया व श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सर्व प्रथम शहीद के बड़े भाई उदय कांत झा व भाभी मीना देवी ने माल्यार्पण किया. उसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय कमेटी के सदस्य धरनी धर मंडल, अलाउद्दीन अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष लाल चन्द महतो, पवन महतो, सोहन महतो, बैजनाथ महतो, दिनेश महतो, गोमो के पूर्व मुखिया रवि सिंह, समाज सेवी मुनि यादव, आजसू नेता हलधर महतो, सदानंद महतो, झारखंड आंदोलनकारी पुनीत महतो सहित दर्जनों नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. झारखंड आंदोलनकारी पुनीत महतो ने कहा कि सदानंद झा लडाकू मजदूर नेता थे. महाजनी प्रथा व सूदखोरी के विरोध में आवाज उठाते थे. सूदखोरों ने भाडे के अपराधियों से 11 मार्च 1974 को रेलवे मार्केट चौक के समीप गोली मार कर उनकी हत्या करा दी. वह शोषण व जुल्म के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे. हत्या के बाद से झामुमो की तरफ से शहादत दिवस मनाया जा रहा है और रेलवे फुटबॉल मैदान में एक सप्ताह तक मेला लगाया गया हैय
हमें फूटी कौड़ी नसीब नहीं: उदय कांत झा
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शहीद सदानंद झा के बड़े भाई व भाभी[/caption] शहीद सदानंद झा के बड़े भाई उदय कांत झा और उनकी पत्नी मीना देवी ने कहा कि वे अपने गांव मानिकपुर मुगेर (बिहार) में तंगहाली जीवन जीने को मजबूर हैं. वृद्धा पेंशन भी नहीं मिल रही है. मेरे छोटे भाई सदानंद झा की हत्या कर दी गई. झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा हर साल उनके नाम पर रेलवे फुटबॉल मैदान में मेला लगाया जाता है. भाई के नाम पर लाखों की वसूली होती है, लेकिन हमें फुटी कौडी नसीब नहीं होती. [wpse_comments_template]
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