का जनसंचार विभाग आरटीआई के तहत गलत जवाब देने के एक मामले में फंस गया है. शैक्षणिक सत्र 2019-21 चौथे सेमेस्टेर के एक छात्र को इंटर्नशिप के बारे में विभाग ने तथ्यों को छुपाते हुए गलत जानकारी दी थी. इससे विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल, बीबीएमकेयू के जन सूचना अधिकारी (पीएफओ) ने आरटीआई के तहत छत्र की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि कोरोना की वजह से जनसंचार विभाग ने 2019-21 सत्र के दौरान किसी भी स्टूडेंट को इंटर्नशिप के लिए नहीं भेजा था. जबकि केंद्र सरकार का संस्थान सेंट्रल इंडस्ट्रियल मिनरल फ्यूल रिसर्च (सीआईएमएफआर), धनबाद के एक आरटीआई जवाब में जानकारी मिली है कि बीबीएमकेयू के जनसंचार विभाग ने सत्र 2019-21 में इंटर्नशिप के लिए एक छात्रा का नाम भेजा था. सीआईएमएफआर के आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है कि बीबीएमकेयू जनसंचार विभाग के प्रमुख डॉ. एमके पांडे ने 8 दिसंबर 2020 को छात्रा नंदिनी सेनगुप्ता (रोल नंबर 191121006) के नाम की सिफारिश इंटर्नशिप के लिए की थी. इसके बाद उक्त छात्रा ने सीआईएमएफआर के जनसंपर्क, प्रकाशन और मानव संसाधन विभाग में करीब 3 महीने की इंटर्नशिप की थी. उस समय नंदनी सेनगुप्ता जनसंचार विभाग में सेंकेंड सेमेस्टर की छात्रा थी. वह बीबीएमकेयू के एक वरिष्ठ अधिकारी की बेटी है. इसका खुलासा मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के एक छात्र की ओर से दिसंबर 2021 में आरटीआई के तहत बीबीएमकेयू से मांगी गई जानकारी के जवाब में हुआ है. जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. एमके पांडे ने अपने जवाब में कहा कि इंटर्नशिप के लिए कोई नाम नहीं भेजा गया है.
फोर्थ सेमेस्टर के छात्र को नहीं मिली थी इंटर्नशिप की अनुमति
ज्ञात हो कि बीबीएमकेयू के मास कम्युनिकेशन विभाग के सत्र 2019-21 के फोर्थ सेमेस्टर के छात्र ने 6 जून 2021 को विभागाध्यक्ष एमके पांडे को 6 जून 2021 को आवेदन देकर CCL कथारा एरिया में इंटर्नशिप के लिए अनुमति मांगी थी. लेकिन विभागाध्यक्ष ने उसके आवेदन को न तो खारिज किया, न ही स्वीकार किया. आवेदन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर छात्र ने आरटीआई के जरिए बीबीएमकेयू से आवेदन खारिज होने के कारण की जानकारी मांगी. साथ ही सत्र 2019-21 में इंटर्नशिप करने वाले स्टूडेंट्स की सूची और ऑडियो-विजुअल डॉक्यूमेंट्री की भी मांग की. इस पर बीबीएमकेयू के जन सूचना अधिकारी ने 28 जनवरी, 2022 को जवाब दिया कि कोरोना महामारी के कारण विभाग (जनसंचार) ने 2019-21 सत्र में आधिकारिक तौर पर किसी भी छात्र को इंटर्नशिप के लिए नहीं भेजा गया. पीएफओ ने उक्त छात्र को ऑफिस में आकर ऑडियो-विजुअल देखने को भी कहा था.शिकायत के बाद भी कुलसचिव नहीं की कार्रवाई
आरटीआई कार्यकर्ता रजनीश प्रसाद ने कहा कि डेढ़ माह पहले बीबीएमकेयू के कुलसचिव विकास कुमार से इसकी लिखित शिकायत की गई थीी. लेकिन उन्होंने मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नही की है. इस मामले में संकाय अध्यक्ष छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) देवजानी विश्वास ने कहा कि इसकी कोई लिखित शिकायत नही आई है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-people-of-four-villages-demonstrated-in-chapapur-outsourcing-transportation-stalled/">धनबाद: चापापुर आउटसोर्सिंग में चार गांव के लोगों ने किया प्रदर्शन, ट्रांसपोर्टिंग ठप [wpse_comments_template]

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