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धनबाद : मासस ने खुदीराम बोस को शहादत दिवस पर दी श्रद्धांजलि

 
Dhanbad : मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) ने धनबाद के पुराना बाजार स्थित केंद्रीय कार्यालय में रविवार को शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस मनाया. पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने खुदीराम बोस की तस्वीर पर फूल-माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. अपने संबोधन में मासस युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन महतो ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस के मन में बचपन से ही देशभक्ति की भावना भरी थी. आजादी की लड़ाई में उन्होंने अंग्रेजों के साथ कड़ा संघर्ष किया. 1905 में बंगाल विभाजन के फैसले ने खुदीराम बोस को प्रभावित किया और वह सत्येन बोस के नेतृत्व में आजादी के आंदोलन में कूद पड़े. मदीनापुर मेले में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ पर्चे बांटने के क्रम में अंग्रेज अफसर ने उन्हें पकड़ लिया, इस पर बोस ने उक्त अफसर को पर कई घूंसे जड़ दिए. इसके बाद खुदीराम बोस पकड़ लिये गए. जज ने उन्हें 15 कोड़े मारने की सजा सुनाई. 8 अप्रैल 1908 को मुजफ्फरपुर में अंग्रेज अधिकारी किंग्सफोर्ड की बग्घी में बम फेंक कर मारने की कोशिश की, लेकिन -दूसरे अंग्रेज अधिकारी की पत्नी और बेटी मारी गईं. इस मामले में अंग्रेजों ने 11 अगस्त 1908 को खुदीराम बोस को फांसी दे दी. उस समय उनकी उम्र महज 18 साल, 8 महीने और 8 दिन थी. किसान संग्राम समिति के जिला अध्यक्ष एएम पाल ने खुदीराम बोस की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला. समारोह में सुभाष चट्टर्जी, रामलाल दा, विश्वजीत राय, विजय पासवान, सत्यवान बोस, विनोद साव, सुरेश राम, बिरजू कुमार आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : पटना:">https://lagatar.in/child-shot-in-dispute-between-two-parties/">पटना:

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