प्रबंधन पर परियोजना के प्रभावित रैयतों को मुआवज़ा देने में टालमटोल करने का आरोप
Maithon : बीसीसीएल सीवी एरिया प्रबंधन के वादाखिलाफी के विरोध में मासस ने बुधवार 27 सितंबर को बीसीसीएल सीवी एरिया 12 की दहीबाड़ी परियोजना का उत्पादन बंद करा दिया. इसके बाद देर शाम को मासस नेताओं और प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद एक सप्ताह के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया गया. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मासस नेता गौरचंद्र धीवर ने बताया कि बीसीसीएल प्रबंधन ने मांगे पूरी करने के लिए एक सप्ताह के लिए समय मांगा है. उन्होंने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार प्रबंधन रैयतों व विस्थापितों के साथ वादाखिलाफी करता आ रहा है. झूठा आश्वासन देकर टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है. कहा कि तीन वर्ष पूर्व परियोजना विस्तार में शेख अब्दुल और संजय मांझी का मकान नष्ट हो गया था. मुआवजा की मांग को लेकर प्रबंधन से कई बार वार्ता हुई, हर बार प्रबंधन आश्वासन देकर कुछ दिनों का समय मांगता रहा. लेकिन आजतक मुआवजा का भुगतान नहीं किया. एक सितंबर को परियोजना महाप्रबंधक के साथ इसी मुद्दे पर पूर्व विधायक अरूप चटर्जी की वार्ता हुई थी. जिसमें महाप्रबंधक ने 15 दिनों के अंदर मुआवजा राशि की भुगतान का आश्वासन दिया था. लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला, जिससे बाध्य होकर उत्पादन बंद कराना पड़ा. वार्ता में एजीएम सुदर्शन प्रसाद, स्नेहशीष मुखर्जी, शुभम राज, गौरचंद्र धीवर, बबलू दास, मो.कलाम, योगेश राजभर, शेख अब्दुल, बिरजू राय व अन्य शामिल थे. यह">https://lagatar.in/dhanbad-light-failure-in-jharia-since-late-wednesday-night-traders-distressed/">यहभी पढ़ें : धनबाद : झरिया में बुधवार देर रात से बत्ती गुल, त्रस्त हुए व्यापारी [wpse_comments_template]
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