- घर में घुसकर बरसाई थीं गोलियां
- 5 खोखा बरामद
- गिरफ्तारी की मांग तेज
Dhanbad : जिले में एक बार फिर अपराधियों के बढ़ते मनोबल ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोनारडीह ओपी क्षेत्र में घर में घुसकर गोली मारे गए मेयर समर्थक और जनता मजदूर संघ के सदस्य शुभम यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है.
बताया जा रहा है कि घटना के समय शुभम यादव अपने घर में दादी के साथ मौजूद थे. इसी दौरान दो अज्ञात अपराधी अचानक घर में घुस आए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हमले में शुभम को तीन गोलियां दो छाती में और एक सिर में लगीं. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.
गोली की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल शुभम को पहले कतरास के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर उसे धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

घटनास्थल से 5 खोखा बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से पांच खोखा बरामद किया हैं जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अपराधियों ने कई राउंड फायरिंग की .पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है.

मेयर पहुंचे अस्पताल, सुरक्षा और गिरफ्तारी की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की.
मेयर ने कहा कि शुभम को बेरहमी से गोली मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. यह बेहद गंभीर मामला है. पुलिस को जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

पुलिस का दावा ,जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी
मौके पर पहुंचे ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि शुभम यादव को अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारी गई, जिसमें तीन गोलियां शुभम को लगी थीं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

लगातार हो रही घटनाओं से बढ़ी चिंता
वहीं मृतक की दादी सरिता देवी ने बताया कि घटना के समय वह घर में ही थीं .अचानक गोली चलने की आवाज आई. लेकिन जब तक वह मौके पर पहुंचीं, अपराधी फरार हो चुके थे. उन्होंने कहा कि वह हमलावरों को पहचान नहीं सकीं.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही 15 अप्रैल को कोयला व्यवसायी मनीष सिंह को भी गोली मारी गई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment