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धनबाद:  सावन में मीट-मछली नहीं रहे मनभावन, आधे से अधिक दुकानों में लटके ताले

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) सावन के महीने में मांस-मछली मन को नहीं भा रहा है. इस पवित्र महीने में पूजा-पाठ, आराधना और व्रत की होड़ मची है. वातावरण बहुत हद तक आध्यात्मिक हो गया है तो लोग मांस-मछली देख कर ही नाक-भौं सिकोड़ लेते हैं. ऐसी हालत में चिकन और मटन-मछली के कारोबारी मायूस हो गए हैं. बिक्री 70% घट चुकी है तो कई मटन और चिकन दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर ताला लटका रखा है. शहर के फेमस और सबसे ज्यादा मटन बेचने वाले चंपारण मीट हाउस की कई दुकानें भी बंद हो चुकी हैं. कारण बिक्री में लगभग 70% की कमी आ चुकी है.

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पिछले महीने जहां मांस-मछली के बाजार में तेजी थी. सावन में उन्हें मंदी ने घेर लिया है. शादी का लग्न भी खत्म हो चुका है. पुलिस लाइन हटिया के व्यवसायियों के अनुसार हर रोज लगभग 300 किलो चिकन, 500 किलो मटन और लगभग 200 किलो मछली का कारोबार होता था. सावन आते ही यह कारोबार लगभग ठप हो चुका है. उन्होंने बताया कि कई होटलों में चिकन और मटन की बिक्री होती थी. परंतु अभी होटल मालिक कच्चे चिकन और मटन खरीदने से परहेज कर रहे हैं. जहां प्रतिदिन वह 10 से 20 किलो मटन की खपत होती थी, वहां 1- 2 किलो से ही काम चल रहा है.  मंदी का ऐसा असर देख कई चिकन और मटन दुकानदारों ने दुकानें ही बंद कर दी हैं तो कई व्यवसायी रोजी-रोटी की मजबूरी में दुकान खोल ग्राहकों की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं.

  चंपारण मीट हाउस, घट गई चहल-पहल

शहर के फेमस और सबसे ज्यादा मटन हांडी बेचने वाले चंपारण मीट हाउस की कई दुकानें भी बंद हो चुकी हैं. फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनके होटल में सिर्फ मटन बेचा जाता है. परंतु सावन में बिक्री काफी कम हो गई. उनका कहना है कि पहले तो हमारी मटन काफी महंगी होती है, उसमें सावन का पवित्र महीना, तो बिक्री तो घटनी ही थी. इसीलिए सावन तक बंद करने का फैसला लिया है.

                     क्या कहते हैं व्यवसायी

[caption id="attachment_366428" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/rr-matan-300x283.jpeg"

alt="" width="300" height="283" /> मटन विक्रेता राजा[/caption] धनबाद के पुलिस लाइन स्थित मटन विक्रेता राजा ने बताया कि सावन से पहले बाजारों में काफी तेजी थी. परंतु अभी बाजार मंदा हो गया. उन्होंने बताया कि बाजार का मंदा होना कोई अप्रत्याशित नहीं है. ऐसा प्रत्येक वर्ष होता है. सावन खत्म होते ही मंदी की भरपाई भी हो जाती है. अभी इस महीने में व्यापारी माल कम मंगाते हैं और हलाला भी कम करते हैं. [caption id="attachment_366429" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/avinash-kumar-chiken-300x271.jpeg"

alt="" width="300" height="271" /> अविनाश कुमार चिकन विक्रेता[/caption] चिकन विक्रेता अविनाश कुमार का कहना है कि पहले की अपेक्षा बिक्री एक तिहाई रह गई है. अब तो परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है. शहर के होटल मालिक भी नाम मात्र का चिकन और मटन खरीद रहे हैं. प्रतिदिन 10 किलो चिकन ले जाने वाले होटल अभी 2 किलो खरीद रहे हैं. उन्होंने बताया कि शहर के कई होटल सिर्फ चिकन और मटन ही बेचते हैं, उन दुकानों पर तो ताला लटक चुका है . [caption id="attachment_366430" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/ujjawal-raj-fish-300x296.jpeg"

alt="" width="300" height="296" /> उज्ज्वल राज, मछली विक्रेता[/caption] मछली विक्रेता उज्ज्वल रुज ने भी बाजार मंदा होने का रोना रोया. कहा कि इन दिनों मछली बाजार से कोई अतिरिक्त कमाई नहीं हो पा रही है. बस किसी तरह परिवार का भरन पोषण हो रहा है. उन्होंने भी बाजार की मंदी का कारण सावन को ही बताया है. यह भी पढ़ें: धनबाद : उपायुक्त">https://lagatar.in/dhanbad-the-speed-of-corona-investigation-did-not-increase-even-after-the-order-of-the-deputy-commissioner/">उपायुक्त

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