के रणधीर वर्मा चौक पर वह पिछले 4 मई से अपने परिवार के साथ लगातार 26 दिनों से अनशन पर बैठे थे. मजिस्ट्रेट प्रभात कुमार, झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो, माडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा ने जूस पिलाकर परिवार का अनशन समाप्त कराया. उधर, विधायक ढुल्लू महतो ने अशोक महतो की दुकान के सामने से अपना टैंकर और ईंट हटा लिया है. जिला प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच कराए गए समझौते के अनुसार, चिटाही स्थित रामराज मंदिर के पास विवादित जमीन पर कोर्ट का फैसला आने तक अशोक महतो और दूसरे पक्ष की शांति देवी आधे-आधे हिस्से में दुकान खोले सकते हैं. लेकिन जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, वहां कोई पक्का निर्माण नहीं करेगा. इसके बाद ही अशोक महतो अनशन समाप्त करने को तैयार हुए. दोनों पक्षों ने समझौता पेपर पर दस्तखत कर दिया है.
27 मई को ही तैयार हुआ था समझौते का मसौदा
समझौते का मसौदा पिछले 27 मई को ही तैयार हो गया था. बाघमारा के अंचल अधिकारी कमल किशोर सिंह, बरोरा थाना प्रभारी नीरज कुमार, विधायक प्रतिनिधि सह ढुल्लू महतो के भाई शरद महतो और दूसरे पक्ष की शांति देवी के पति चरकु महतो सदर अस्पताल, धनबाद पहुंचे और वहां भर्ती अशोक महतो के साथ बैठक की. वार्ता में अशोक महतो की बेटी सुनीति, सुरेश महतो और कांग्रेस नेता विकास सिंह भी शामिल थे. दोनों पक्षों ने प्रशासन की ओर से तैयार मसौदे पर सहमति जताई. अशोक महतो ने समझौता पेपर पर दस्तखत भी कर दिया था, लेकिन शांति देवी बिना साइन किए ही वहां से खिसक गई. इसके बाद अशोक महतो परिवार के साथ अनशन पर डट गए.बेटी बोली- आंदोलन रंग लाया, विधायक को झुकना पड़ा
अनशन समाप्त करने के बाद अशोक महतो की बेटी सुनीति ने मीडिया से कहा कि 26 दिन का हमारा आंदोलन रंग लाया. इस आंदोलन से कई गरीब परिवारों को भी राहत मिलेगी. विधायक ढुल्लू महतो को अंतत: झुकना पड़ा. उन्होंने दुकान के सामने से अपना टैंकर हटा लिया है. सुनीति ने कहा कि आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष की जीत निश्चित है. थोड़ा वक्त जरूर लगता है. उसने बताया कि जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, उन्हें ढुल्लू महतो की ओर से खत्म कर दिया गया है. हमारी दुकान के सामने से विधायक ने टैंकर और ईंट हटा लिया है.गरीब परिवार को मिला न्याय : जलेश्वर
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने कहा कि जिला प्रशासन के ठोस कदम उठाने के बाद अशोक महतो को विधायक ढुल्लू महतो के आतंक से छुटकारा मिला है. परिवार को अंतत: न्याय मिल ही गया. अशोक महतो के परिवार की यह लड़ाई दबंगों के सताए लोगों के लिए उदाहरण है. वहीं, बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा ने कहा कि यह सच्चाई और महात्मा गांधी की विचारधारा की जीत है. यह लड़ाई लोगों के लिए प्रेरणा का काम करेगी. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=320001&action=edit">धनबाद:अवैध खनन में फिर धंसी चाल, कई लोगों के दबने की आशंका [wpse_comments_template]

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