Dhanbad : झरिया से कांग्रेस की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह पार्टी लाइन से हटकर चल रही हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ने को इच्छुक नेताओं को जिलाध्यक्ष के समक्ष दावेदारी पेश करने का निर्देश दिया गया था. इसकी अंतिम तिथि 28 अगस्त थी. धनबाद की छह विधानसभा सीटों के लिए कई नेताओं ने दावेदारी पेश की है. लेकिन झरिया विधायक पूर्णिमा सिंह ने निर्धारित समय के भीतर अपनी सीट से दावेदारी पेश नहीं कीं. समय समाप्त होने के बाद उन्होंने शुक्रवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में झरिया विधानसभा सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की. सूत्रों का कहना है कि विधायक को यह जानकारी नहीं थी कि विधायक होने के बावजूद उन्हें भी अपना दावा पेश करना होगा. तय समय तक दावेदारी पेश नहीं करने पर जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने झरिया से अपनी दावेदारी पेश कर दी. इसके बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है.
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2 साल में जिला कमेटी की किसी बैठक में नहीं गईं
जिले के कांग्रेसी बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में पूर्णिमा सिंह जिला कमेटी की किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुईं हैं. कांग्रेसी मानते हैं कि जिलाध्यक्ष से बिगड़े रिश्ते इसका मुख्य कारण हैं. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कांग्रेसी ने बताया कि पिछले दिनों रांची में हुई एक बैठक में जब पूर्णिमा सिंह शामिल नहीं हुईं, तो प्रदेश के नेताओं से धनबाद के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि विधायक किसी कार्यकर्ता को तवज्जो नहीं देती हैं.संगठन की अनदेखी कर कैसे करेंगी बेड़ा पार
जिले कांग्रेसियों में इस बात की भी चर्चा है कि विधायक पूर्णिमा सिंह जिस प्रकार जिलाध्यक्ष समेत संगठन को दरकिनार कर चल रही हैं, ऐसे में यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो संगठन को दरकिनार कर चुनाव में फतह हासिल करना उनके लिए आसान नहीं होगा. क्योंकि चुनाव में पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का भी बड़ा महत्व होता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-grand-procession-taken-out-on-bhado-amavasya-festival-in-katras/">धनबाद: कतरास में भादो अमावस्या महोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा [wpse_comments_template]
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