एक साल से बलियापुर में लटका था काम
कचरों के निष्पादन के लिये नगर निगम के अधिकारी पिछले दस साल से प्रयास कर रहे हैं 16 जून-2021 को जिला प्रशासन ने बलियापुर के रघुनाथपुर में 20 एकड़ जमीन दी. परंतु काम शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. निगम ने थाने में भी शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसके पहले भी निगम के अफसर पुटकी में बीसीसीएल की 32 एकड़ जमीन, सिंदरी में एफसीआई की 25 एकड़ जमीन, बलियापुर में ही झमाडा की 18 एकड़ जमीन पाने के बाद भी गंवा चुके है. हर बार कचरे से कमाई के बड़े बड़े दावे भी होते रहे हैं. परंतु रैयत, ग्रामीण व भूस्वामी के विरोध के कारण निगम को को पैर पीछे खींचने पड़े.पैसे की भी हो चुकी है जमकर बर्बादी
शहर से निकलने वाले कचरे के निपटारे के लिये नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च कर करीब 7 कंपेक्टर स्टेशन बनाया था. यहां कचरों की क्वांटिटी को कम कर बनियाहिर में डंप किया जाता था. मगर दो ढाई साल पहले इसे बंद करा दिया. निगम के अफसरों को यह प्रक्रिया बेकार लगने लगी थी. शहर से प्रतिदिन 550 टन कचरा निकलता है, जिसे अब सीधे बनियाहीर में डंप किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-one-thousand-vehicles-registered-but-the-speed-of-cng-did-not-increase/">धनबाद: वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए एक हजार, मगर नहीं बढ़ी सीएनजी की रफ्तार [wpse_comments_template]

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