झरिया अकादमी में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प
Dhanbad : सामाजिक संस्था यूथ कॉन्सेप्ट की ओर से 28 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस मनाया गया. यह दिवस उन 363 वीर-वीरांगनाओं की स्मृति में मनाया जाता है जिन्होंने वृक्षों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.
कार्यक्रम का आयोजन झरिया अकादमी विद्यालय परिसर में हुआ जहां शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया और पौधारोपण भी किया.
मौके पर स्पेशल एजुकेटर अखलाक अहमद ने कहा कि अमृता देवी का नारा था सिर साटे रूख रहे तो भी सस्तो जाण यानी पेड़ बचाने के लिए यदि जान भी देनी पड़े तो यह सौदा महंगा नहीं है. उन्होंने कहा कि झरिया में भी पेड़ों की रक्षा के लिए हमें अमृता देवी से प्रेरणा लेनी चाहिए.
वहीं डॉ. सबा आलम ने कहा कि पर्यावरण हमें सकारात्मक ऊर्जा देता है. हमें दो मुख्य कार्यों पर ध्यान देना चाहिए पेड़ों का संरक्षण और अधिक से अधिक पौधारोपण. क्योंकि पर्यावरण है तो जीवन है.
शिक्षक बृजभूषण और सरफराज इकबाल ने कहा कि अमृता देवी का संघर्ष आज भी प्रेरणादायक है. उनका आंदोलन ही आगे चलकर भारत के पहले चिपको आंदोलन के रूप में पहचाना गया जिसने अनेक पर्यावरण आंदोलनों को जन्म दिया.
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अखलाक अहमद, डॉ. सबा आलम, सरफराज इकबाल, बृजभूषण, रोहित लाला, अलीशा फातिमा, प्रशांत सिंह, आलिया नूरी, अमित कुमार, विक्की चौरसिया, जागृति गुप्ता सहित कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद थे.
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