Nirsa : ईसीएल मुगमा क्षेत्र की राजपुरा कोलियरी की बंद खदान में डूबे 8वीं के छात्र जमशेद का अब तक कुछ भी पता नहीं चल सका है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के करीब 30 घंटे बाद शनिवार, 16 अप्रैल की रात करीब 8 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खदान में उतरकर छात्र की खोजबीन में जुट गई. हालांकि जमशेद के परिजन और शिवलीबाड़ी के ग्रामीण पूरे दिन टीम का इंतजार करते रहे. देर होने पर लोग काफी गुस्से में थे. इससे पूर्व दोपहर में निरसा की विधायक अपर्णा सेनगुप्ता शिवलीबाड़ी पहुंची थीं. बच्चे के बारे में कुछ भी पता नहीं चलने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने विधायक के समक्ष आक्रोश व्यक्त किया और अविलंब एनडीआरएफ टीम को बुलाने की मांग की. विधायक ने एग्यारकुंड की सीओ अमृता कुमारी से मोबाइल पर बात की. सीओ ने देवघर से गोताखोर की टीम बुलाने का भरोसा दिलाया. कहा कि शाम तक टीम आ जाएगी. पूर्व विधायक अरूप चटर्जी और झामुमो के वरिष्ठ नेता अशोक मंडल भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन से जमशेद को खोज निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. सभी ने जमशेद के परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाया. इसके बाद रात करीब 8 बजे एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बच्चे की खोज शुरू कर दी. मौके पर सीओ अमृता कुमारी, बीडीओ विनोद कर्मकार, मुखिया मो. सनोव्वर, गुलाम कुरैशी, गुलजार, लखी सोरेन आदि मौजूद थे.
शुक्रवार को दोस्तों संग खदान में नहाने गया था जमशेद
बताते चलें कि छात्र जमशेद शुक्रवार को अपने दोस्तों के साथ खदान में नहाने गया था. इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया. इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला. दोस्तों ने जमशेद के परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी. जमशेद शिवलीबाड़ी में अपने नाना के घर रहकर पढ़ाई करता था.
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