Dhanbad : गोविंदपुर स्थित आरएस मोर कॉलेज में 10 मई को आज़ादी का प्रथम संग्राम विषय पर सेमिनार व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने कहा कि 1857 के विद्रोह से उपनिवेशवाद के अंत की शुरुआत हुई थी. लेकिन विकासशील देशों में फिर से नव उपनिवेशवाद जन्म ले चुका है. इससे सावधान रहने की जरूरत है. मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश कुमार ने कहा कि 10 मई 1857 को मेरठ के 85 सिपाहियों ने आज़ादी की रणभेरी बजाई थी. इस विद्रोह में किसानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया. प्रतियोगिता में इतिहास विभाग की छात्रा सपना दत्ता को प्रथम, राजनीति विज्ञान विभाग की अनुपम बिष्ट को द्वितीय व इतिहास की आंचल कुमारी को तृतीय स्थान मिला. विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. मंच संचालन प्रो. तरुण कांति खलखो व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजीत कुमार बर्णवाल ने किया. कार्यक्रम में डॉ. राजेन्द्र प्रताप, डॉ. संजू कुमारी, डॉ. रत्ना कुमार, डॉ, अशोक कुमार सिंह, डॉ. नीना कुमारी, डॉ. कुसुम रानी, डॉ. अवनीश मौर्य, डॉ. अमित प्रसाद, डॉ. त्रिवेणी महतो, प्रो. स्नेहलता तिर्की, प्रो. प्रकाश प्रसाद, प्रो. अंजू कुमारी, प्रो. त्रिपुरारी कुमार, प्रो. विनोद एक्का, प्रो. रागिनी शर्मा, सुजीत मंडल आदि शरीक हुए. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-wages-of-truck-loaders-increased-due-to-the-intervention-of-former-mla/">धनबाद
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धनबाद : विकासशील देशों में फिर पनप रहा नव उपनिवेशवाद, सावधान रहें- डॉ. प्रवीण

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