Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) आईआईटी-आईएसएम और बीसीसीएल के शोधकर्ताओं ने कोलवाशरी में कोयले की धुलाई के दौरान महीन कणों और भारी धातुओं को हटाने की कम खर्चीली और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक विकसित की है. इस तकनीक से कोयला साफ करने पर अंडरग्राउंड वाटर, जीवों और मिट्टी पर बुरा प्रभाव कम पड़ता है. इस तकनीक में बायो कागैलेंट (कोयला धोने की प्रक्रिया में उपयोग होने वाले तत्व) के रूप में सरसों और मोरिंगा के बीजों का उपयोग किया गया है. अब तक भारतीय उपमहाद्वीप में अधिकतर प्लांट में कोयले की धुलाई के लिए पारंपरिक तकनीक ( फ्लोक्यूलेशन) का उपयोग होता रहा है, जिसमें कई तरह के रसायनों का उपयोग होता है.
धनबाद: सरसों से कोयला साफ करने की नई तकनीक की विकसित
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