Dhanbad : कोयला नगरी धनबाद में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के सामने एक नई तकनीकी समस्या उभरकर सामने आई है. कई चालकों का आरोप है कि चलते-चलते उनके ई-रिक्शे अचानक बीच सड़क पर बंद हो जाते हैं. शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी खराबी समझा गया. लेकिन बाद में पता चला कि कुछ शरारती तत्व मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शों की बैटरी से छेड़छाड़ कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार कुछ आधुनिक ई-रिक्शों में लगी लिथियम-आयन बैटरियां ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से लैस होती हैं. इन्हीं बैटरियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले BT-BMS जैसे मोबाइल ऐप का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत सामने आई है.
आरोप है कि यदि बैटरी में पर्याप्त सुरक्षा या पासवर्ड नहीं लगा हो तो कोई भी व्यक्ति ऐप के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट होकर उसकी पावर सप्लाई बाधित कर सकता है, जिससे ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है.

स्थानीय ई-रिक्शा चालक मोहम्मद शगिर, मनोज और शबीर अंसारी सहित कई लोगों ने दावा किया है कि वे इस तरह की डिजिटल छेड़छाड़ का शिकार हो चुके हैं .उनका कहना है कि चलते वाहन के अचानक बंद हो जाने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि सड़क पर दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से उन ई-रिक्शों में देखी जा सकती है, जिनमें ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरियां लगी हैं और जिनकी सुरक्षा सेटिंग्स मजबूत नहीं हैं. वहीं पारंपरिक लीड-एसिड बैटरियों वाले ई-रिक्शों में इस तरह का खतरा नहीं होता है.
क्या करें ई-रिक्शा चालक?
तकनीकी जानकारों की सलाह है कि ई-रिक्शा चालक अपने बैटरी डीलर या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क कर बैटरी के ब्लूटूथ का पासवर्ड बदलवाएं या आवश्यकता न होने पर ब्लूटूथ सुविधा को निष्क्रिय करवा दें. इससे अनधिकृत कनेक्शन और संभावित दुरुपयोग से बचा जा सकता है. हालांकि इस तरह की घटनाओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
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