Search

 
 
 

Dhanbad News: छाताबाद में 20 घर जमींदोज, STG आउटसोर्सिंग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान ने कोयलांचल की बस्तियों में तबाही मचा रखी है. कोलियरी और आउटसोर्सिंग परियोजनाओं के आसपास बसे इलाकों में जमीन फटने और मकानों के ढहने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.
 

Dhanbad: धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान ने कोयलांचल की बस्तियों में तबाही मचा रखी है. कोलियरी और आउटसोर्सिंग परियोजनाओं के आसपास बसे इलाकों में जमीन फटने और मकानों के ढहने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. छाताबाद में हुए ताजा भू-धंसान में लगभग 20 घर जमींदोज हो गए. जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है.

 

भारी ब्लास्टिंग बनी तबाही की वजह

छाताबाद के प्रभावित निवासियों का कहना है कि पास में चल रही STG आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा की जा रही हैवी ब्लास्टिंग ही इस तबाही की मुख्य वजह है. ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी उत्पादन बढ़ाने की होड़ में खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के नियमों को दरकिनार कर भारी विस्फोट कर रही है.

 

इसे भी पढ़ें:

https://lagatar.in/corruption-in-jharkhand-appointments-2-very-person-babulal-forcibly-appointed-as-a-jpsc-member-turned-out-to-be-kingpin

https://lagatar.in/cm-hemants-message-to-students-solutions-will-come-through-dialogue-not-lathis-and-bullets

 

ग्रामीणों ने ठप कराया काम

विस्फोटों से उत्पन्न कंपन के कारण जमीन अंदर से कमजोर होकर धंस रही है. इससे आक्रोशित होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने STG आउटसोर्सिंग परिसर पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया और काम को अनिश्चितकाल के लिए ठप कराकर धरने पर बैठ गए.

लगातार हो रही घटनाएं, दहशत में कोयलांचल

क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. 3 अगस्त को सलेक्टेड गोविंदपुर इलाके में भू-धंसान से करीब आधा दर्जन घर तबाह हो गए. 6 अगस्त को छाताबाद में बड़े पैमाने पर हुई घटना में 20 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए और मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त हो गई. इससे पूर्व 7 जुलाई को भी यहां धंसान हुआ था. हालांकि इन हादसों में किसी की जान जाने की खबर नहीं है लेकिन दर्जनों मकानों पर अब भी ढहने का खतरा मंडरा रहा है.

BCCL और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने BCCL की कार्यशैली और राहत कार्यों पर कड़े सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें है कि प्रभावित क्षेत्र का त्वरित वैज्ञानिक सर्वे कराकर डेंजर जोन को चिन्हित किया जाए. खतरे की जद में रह रहे परिवारों को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाए और बेघर हुए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए.ग्रामीणों ने स्पष्ट चेताया है कि जब तक सुरक्षा, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक आउटसोर्सिंग का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा.

 

मौके पर सुरक्षा बल तैनात

घटनास्थल पर उपजे भारी तनाव को देखते हुए CISF और स्थानीय पुलिस बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासनिक मदद और बीसीसीएल की ओर से ठोस पहल का इंतजार कर रहे हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही