Dhanbad: गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूषित भोजन और पानी के सेवन से बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार होने की घटना के बाद धनबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. उपायुक्त आदित्य रंजन के आदेश पर जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में विशेष जांच अभियान चलाया गया.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, रसोईघर, भंडार कक्ष और रसोइयों की व्यक्तिगत स्वच्छता का जायजा लिया. साथ ही भोजन तैयार करने से लेकर छात्राओं को परोसने तक साफ-सफाई के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने पैक्ड खाद्य सामग्री की निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच की.
निरीक्षण टीमों ने स्टोर रूम में रखे चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा एक्सपायरी डेट की जांच की. उपायुक्त ने सभी आवासीय विद्यालयों में चापाकल, जलमीनार और आरओ सिस्टम की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही पेयजल स्रोतों की नियमित ब्लीचिंग और पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराने को कहा गया है ताकि दूषित पानी की किसी भी संभावना को समाप्त किया जा सके.
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यालय में खराब या एक्सपायरी खाद्य सामग्री पाई गई तो संबंधित आपूर्तिकर्ता (वेंडर) और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. रसोईघरों में साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था और बर्तनों की स्वच्छता का विशेष निरीक्षण किया गया. रसोइयों को साफ कपड़े, हेडकैप और स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए. साथ ही भोजन को हमेशा ढककर रखने और स्वच्छ वातावरण में तैयार करने की हिदायत दी गई.
जिला प्रशासन ने सभी वार्डनों को निर्देश दिया है कि छात्राओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए. किसी भी स्थिति में बासी या निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि गढ़वा की घटना से सबक लेते हुए धनबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि किसी विद्यालय में भोजन या पेयजल की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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