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Dhanbad News : दो साल की दोस्ती बनी जीवनभर का साथ, हिंदू रीति से हुई शादी

विपुल मंडल न राहत परवीण की पहचान वर्ष 2023 में इंटरनेट के माध्यम से हुई थी. शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं.करीब दो वर्षों तक एक-दूसरे को समझने और जानने के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया.
 

Dhanbad :  धनबाद जिले के निरसा के आंखद्वारा गांव में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. गांव के विपुल मंडल ने बिहार के नवादा जिले की रहने वाली राहत परवीण के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह रचाया. दोनों ने दावा किया है कि यह विवाह आपसी सहमति और स्वेच्छा से हुआ है.

 

जानकारी के अनुसार, विपुल मंडल न राहत परवीण की पहचान वर्ष 2023 में इंटरनेट के माध्यम से हुई थी. शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं.करीब दो वर्षों तक एक-दूसरे को समझने और जानने के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया. उन्होंने धर्म, जाति व सामाजिक बंधनों से ऊपर उठकर अपने रिश्ते को विवाह का रूप देने का निर्णय लिया.


आंखद्वारा में आयोजित विवाह समारोह में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लिये. सिंदूरदान व अन्य वैवाहिक रस्में भी विधि-विधान से संपन्न हुईं. समारोह में मौजूद परिजनों, मित्रों और स्थानीय लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की.


विवाह के बाद मीडिया से बातचीत में दोनों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है. राहत प्रवीण ने कहा कि उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था और उन्होंने पूरी स्वतंत्रता के साथ यह निर्णय लिया है. वहीं विपुल मंडल ने कहा कि प्रेम, विश्वास और सम्मान किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी नींव होते हैं और उन्होंने इन्हीं मूल्यों के आधार पर अपना जीवन साथ बिताने का फैसला किया है. 


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