Dhanbad News : कार्तिक मास की आध्यात्मिक छटा रविवार को झरिया के ऐतिहासिक राजा तालाब में देखते ही बनी. हजारों दीपों की जगमगाहट, शंखनाद, घंटियों की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच राजा तालाब का तट मानो काशी के गंगा घाट में तब्दील हो गया.
झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह की पहल पर यहां बनारस की तर्ज पर भव्य गंगा आरती और दीपोत्सव का आयोजन किया गया. इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए झरिया समेत पूरे कोयलांचल से हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े.

झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह
भजनों से हुई आध्यात्मिक संध्या की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत जमशेदपुर के प्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक पाठक और उनकी टीम की भक्तिमय प्रस्तुतियों से हुई. एक से बढ़कर एक भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया. भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए. देखते ही देखते पूरा तालाब परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया.
बनारस के पुरोहितों की आरती ने बांधा समां
आयोजन का सबसे आकर्षक और भावविभोर कर देने वाला क्षण बनारस से पहुंचे आचार्य रणधीर एवं अन्य पुरोहितों द्वारा संपन्न कराई गई गंगा आरती रही. पारंपरिक विधि-विधान के साथ आरती शुरू होते ही पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से गूंज उठा.
एक साथ प्रज्वलित दीपों की रोशनी से राजा तालाब का दृश्य बेहद मनोरम हो गया. श्रद्धालु हाथ जोड़कर आरती में शामिल हुए. कई लोग इस अलौकिक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए. ऐसा लग रहा था मानो काशी के गंगा घाट की दिव्यता झरिया की धरती पर उतर आई हो.
राजमाता सुजाता सिंह का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान झरिया राजघराने की राजमाता सुजाता सिंह को तालाब के मध्य बने मंच पर विधायक रागिनी सिंह और महापौर संजीव सिंह ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया. दोनों ने उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया. इस दौरान राजमाता भावुक नजर आईं. वहीं भजन गायक अभिषेक पाठक और उनकी पूरी टीम को भी सम्मानित किया गया.
राजा तालाब को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास : रागिनी सिंह
विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि राजा तालाब केवल जलाशय नहीं, बल्कि झरिया की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. इस आयोजन का उद्देश्य पुरानी धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ राजा तालाब को एक नई पहचान देना है. उन्होंने कहा कि तालाब को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने तथा इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे.
रागिनी सिंह ने आयोजन में उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं की भागीदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि झरिया की जनता का उत्साह ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है. कार्तिक मास में आयोजित इस दीपोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा दी, बल्कि राजा तालाब की ऐतिहासिक पहचान को भी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया.