Dhanbad : धनबाद नगर निगम बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई. अधिकतर वार्ड पार्षदों ने अधिकारियों पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया. पार्षदों के वॉकआउट के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा अधूरा रह गई.
बैठक में मेयर संजीव सिंह, विधायक राज सिन्हा, डिप्टी मेयर अरुण चौहान, सभी वार्ड पार्षद व निगम के अधिकारी मौजूद थे. पार्षदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठकों में विकास से जुड़े कई प्रस्ताव पारित होने के बावजूद उन पर अमल नहीं किया जाता. इससे योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित रह जाती हैं.
डिप्टी मेयर अरुण चौहान ने कहा कि पिछली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी उनकी कार्य प्रगति पर बोर्ड बैठक में संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसी के विरोध में पार्षदों ने बैठक से वॉकआउट किया. विधायक राज सिन्हा ने भी नगर निगम क्षेत्र की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया. नगर आयुक्त से बातचीत के दौरान फंड और स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया.
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि पार्षदों की नाराजगी जायज है. क्योंकि जनता ने उन्हें विकास कार्य कराने के लिए चुना है. यदि पारित योजनाओं पर समय पर काम नहीं होगा, तो जनता के बीच जनप्रतिनिधियों के प्रति गलत संदेश जाएगा. उन्होंने माना कि निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है.
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